मुजफ्फरपुर : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा भूमि अधिग्रहण से प्रभावित रैयतों को शीघ्र, पारदर्शी और न्यायसंगत मुआवजा दिलाने और उन्हें अनावश्यक न्यायिक प्रक्रियाओं से बचाने के उद्देश्य से संचालित राज्यव्यापी अभियान के अंतर्गत आज मुजफ्फरपुर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य भूमि स्वामियों को उनके वैधानिक अधिकारों, मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया व उचित अपील मंच के संबंध में जागरूक करना था। ताकि जानकारी के अभाव में कोई भी रैयत अपने अधिकारों से वंचित न रहे।
कार्यशाला का उद्घाटन मुजफ्फरपुर व्यवहार न्यायालय के परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी व NHAI के अधिकारी ने किया
कार्यशाला का उद्घाटन मुजफ्फरपुर व्यवहार न्यायालय के परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश पियूष प्रभाकर, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राज कपूर और एनएचएआई के अधिकारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला में बताया गया कि एनएचएआई की यह पहल राज्य के विधिक तंत्र (इकोसिस्टम) को सुदृढ़ करने और यह सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन की गई है कि बिहार के प्रत्येक भूस्वामी के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा उचित वैधानिक माध्यमों के माध्यम से की जा सके।

कई मामलों में मुआवजे से संबंधित याचिकाएं सीधे HC में दायर कर दी जाती हैं – परियोजना निदेशक आशुतोष कुमार सिन्हा
एनएचएआई के परियोजना निदेशक आशुतोष कुमार सिन्हा ने बताया कि कई मामलों में मुआवजे से संबंधित याचिकाएं सीधे उच्च न्यायालय में दायर कर दी जाती हैं। जिन्हें बाद में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 के अंतर्गत निर्धारित वैधानिक मंच पर वापस भेज दिया जाता है। इससे समय एवं संसाधनों की अनावश्यक हानि होती है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य रैयतों को सही वैधानिक मार्ग की जानकारी देकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।

NHAI के द्वारा रैयतों की जमीन अधिग्रहण में कानूनी बाधा दूर करने की दिशा में पहल किया गया है – सिविल कोर्ट परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश पियूष प्रभाकर
वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश पियूष प्रभाकर ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि एनएचएआई के द्वारा रैयतों की जमीन अधिग्रहण में कानूनी बाधा दूर करने की दिशा में पहल किया गया है। इस कार्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़े पैनल अधिवक्ता और पैरा लीगल वालंटियर जागरूकता लाने का कार्य करेंगे।

पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है – सचिव जयश्री कुमारी
जिला न्यायाधीश मुजफ्फरपुर श्वेता कुमारी सिंह के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफ्फरपुर के कक्ष में इस कार्यशाला का आयोजन हुआ। सचिव जयश्री कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक आम जन एवं रैयतों को उनके विधिक अधिकारों की जानकारी दें। उन्हें उचित मंच तक पहुंचाने में सहयोग करें व निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।
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संतोष कुमार की रिपोर्ट
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