Solar Eclipse 2026: Ring of Fire के साथ साल का पहला सूर्य ग्रहण, 4 मार्च को मनाई जाएगी Holi

Solar Eclipse 2026: 2026 का पहला वलयाकार सूर्य ग्रहण आज, भारत में सूतक मान्य नहीं। चंद्रग्रहण व भद्रा के कारण होलिका दहन 2 मार्च और होली 4 मार्च को।


Solar Eclipse 2026 रांची: वर्ष 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज लग रहा है। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें आकाश में रिंग ऑफ फायर का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा।

Solar Eclipse का स्पर्श भारतीय समयानुसार शाम 05:13 बजे, मध्य 05:42 बजे और मोक्षकाल 06:11 बजे रहेगा। हालांकि भारत में इसका धार्मिक प्रभाव मान्य नहीं होगा और सूतक काल भी प्रभावी नहीं माना जाएगा।

Solar Eclipse 2026:रिंग ऑफ फायर का अद्भुत दृश्य

वलयाकार ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता, जिससे सूर्य का बाहरी किनारा अग्नि वलय की तरह दिखाई देता है। इसी कारण इसे रिंग ऑफ फायर कहा जाता है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस ग्रहण का भारत में कोई धार्मिक प्रभाव नहीं होगा।


Key Highlights

  • 2026 का पहला वलयाकार सूर्य ग्रहण आज

  • भारत में सूतक काल मान्य नहीं

  • 15 दिन बाद फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण

  • 2 मार्च को अर्धरात्रि में होलिका दहन

  • 4 मार्च को रंगोत्सव के रूप में होली


Solar Eclipse 2026:15 दिन बाद चंद्र ग्रहण, बदली होली की तिथि

सूर्य ग्रहण के 15 दिन बाद फाल्गुन मास की पूर्णिमा को Lunar Eclipse लगेगा। इसी कारण होली की तिथि में परिवर्तन किया गया है।

परंपरा के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा की रात होलिका दहन और अगले दिन धुलेंडी मनाई जाती है, लेकिन इस वर्ष भद्रा और चंद्र ग्रहण के कारण बदलाव किया गया है।

पंचांग गणना के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा दो मार्च की शाम से प्रारंभ होकर तीन मार्च की शाम तक रहेगी। दो मार्च को पूर्णिमा लगते ही भद्रा का प्रवेश होगा। धर्म ग्रंथों के अनुसार भद्रा के मुखकाल को त्यागकर उसके पुच्छकाल में ही होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत है।

इस आधार पर दो मार्च की अर्धरात्रि 12:50 बजे से 02:02 बजे के बीच होलिका दहन किया जाएगा।

Solar Eclipse 2026: तीन मार्च को चंद्र ग्रहण, चार को रंगोत्सव

ज्योतिर्वेद विज्ञान संस्थान पटना के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. राजनाथ झा के अनुसार तीन मार्च की शाम 5:50 बजे से 6:47 बजे के बीच चंद्र ग्रहण रहेगा।

मान्यता है कि ग्रहण से लगभग नौ घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। ऐसे में तीन मार्च को रंगोत्सव मनाना उचित नहीं माना गया है। इस दिन जप, ध्यान और पूजन का विधान रहेगा।

ग्रहण समाप्ति के बाद चार मार्च को स्नान शुद्धि के उपरांत होली मनाई जाएगी। इस दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और धृति योग का संयोग रहेगा, जिसे शुभ माना जाता है।

Wildlife Week Ranchi Walkathon: रांची में 3 हजार लोगों ने लगाई...

Wildlife Week Ranchi Walkathon: वन्यजीव संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार की ओर...

Asian Games 2026 Gold: झारखंड की 4 हॉकी बेटियों से मिले...

Asian Games 2026 Gold, रांची: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली झारखंड की...

Ranchi Sadar Hospital में जटिल Brain Tumor Surgery सफल, 46 वर्षीय...

Ranchi Sadar Hospital Brain Tumor Surgery: सदर अस्पताल रांची की न्यूरोसर्जरी सेवा ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यहां 46 वर्षीय भूषण...