Reliance Jio का ‘JIO Arogya AI’ Model: : इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जियो आरोग्य AI मॉडल पेश। मिनटों में हेल्थ स्क्रीनिंग, वॉयस AI डॉक्टर और AI-इनेबल्ड क्लिनिक से प्राइमरी हेल्थकेयर को डिजिटल बनाने का दावा।
New Delhi: Reliance Jio ने India AI Impact Summit में अपने ‘ JIO Arogya AI’ क्लिनिक मॉडल का प्रदर्शन करते हुए प्राइमरी हेल्थकेयर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए मजबूत बनाने का दावा किया है। कंपनी के अनुसार यह AI-पावर्ड सिस्टम कुछ ही मिनटों में मरीज की शुरुआती हेल्थ स्क्रीनिंग कर संभावित जोखिमों की पहचान कर सकता है और जरूरत पड़ने पर सीधे डॉक्टर या स्पेशलिस्ट से जोड़ सकता है।
‘ JIO Arogya AI’ Model:AI करेगा शुरुआती जांच, डॉक्टर को देगा प्राथमिक रिपोर्ट
प्रदर्शित मॉडल के तहत मरीज एक AI-एनेबल्ड स्मार्ट मिरर के सामने खड़ा होता है। यह डिवाइस आंखों, त्वचा और अन्य विजुअल संकेतों के आधार पर आवश्यक रीडिंग लेता है। इसके बाद AI सिस्टम इन आंकड़ों का विश्लेषण कर प्रारंभिक हेल्थ असेसमेंट तैयार करता है।
कंपनी का कहना है कि यह सिस्टम मरीजों को अलग-अलग कैटेगरी में वर्गीकृत कर सकता है और जिन मामलों में तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप जरूरी हो, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रेफर करता है। हालांकि दवा या अंतिम मेडिकल सलाह डॉक्टर की स्वीकृति के बाद ही दी जाएगी।
JIO Arogya AI ने AI-आधारित क्लिनिक मॉडल पेश किया
स्मार्ट मिरर से मिनटों में हेल्थ स्क्रीनिंग और रिस्क एनालिसिस
‘वॉयस AI डॉक्टर’ कई भारतीय भाषाओं में संवाद करेगा
गंभीर मामलों को प्राथमिकता से डॉक्टर के पास रेफर करने की व्यवस्था
प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को AI-इनेबल्ड बनाने का दावा
‘JIO Arogya AI’ Model :‘वॉयस AI डॉक्टर’ कई भारतीय भाषाओं में करेगा संवाद
इस मॉडल की प्रमुख विशेषता ‘वॉयस AI डॉक्टर’ है। मरीज अपनी समस्या बोलकर सिस्टम को बता सकता है और जरूरत पड़ने पर AI अतिरिक्त सवाल भी पूछता है। यह सुविधा कई प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के मरीजों के लिए संवाद आसान हो सके।
कंपनी का दावा है कि इससे डॉक्टरों का रूटीन वर्कलोड कम होगा और वे गंभीर मामलों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।
‘JIO Arogya AI’ Model:प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को AI-इनेबल्ड बनाने की योजना
जियो आरोग्य AI मॉडल का लक्ष्य देश के प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को AI-इनेबल्ड क्लिनिक में बदलना है। जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है, वहां इस मॉडल को स्थापित किया जा सकता है। पोर्टेबल एक्स-रे, पोर्टेबल ईसीजी जैसे डिवाइस भी इससे जोड़े जा सकते हैं।
मरीज ऑनलाइन कंसल्टेशन, डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन और दवाओं की ऑनलाइन ऑर्डरिंग जैसी सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेगा। कंपनी के मुताबिक, यह मॉडल मौजूदा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
देश में तेजी से बढ़ती डिजिटल कनेक्टिविटी के बीच यदि ऐसे AI क्लिनिक बड़े स्तर पर लागू होते हैं, तो शुरुआती जांच और विशेषज्ञ सलाह के बीच की दूरी कम करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
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