State Finance: सारठ विधायक उदय शंकर ने बजट को दमदार बताते हुए विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। कहा राज्य खजाना खाली नहीं, केंद्र पर निर्भर नहीं रहेंगे।
State Finance रांची:सारठ से विधायक उदय शंकर ने राज्य के हालिया बजट पर जोरदार प्रतिक्रिया देते हुए इसे ऐतिहासिक और जनहितकारी बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए उन्होंने साफ कहा कि धरातल पर काम हो रहा है और विरोधियों को सिर्फ आरोप लगाने की आदत है।
State Finance:बजट पर विपक्ष को जवाब, बताया ऐतिहासिक
विधायक ने कहा कि बजट का आकार बढ़ाने के साथ ही सरकार ने योजनाओं को भी मजबूती दी है। उनका दावा है कि इस बार विपक्ष को बजट में किसी तरह की कटौती या खामी निकालने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर भी विपक्ष प्रभावी भूमिका निभाने में असफल रहा और सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहा।
उदय शंकर ने बजट को झारखंड के विकास की दिशा में मजबूत कदम बताते हुए कहा कि सरकार ने सामाजिक सुरक्षा, कृषि, युवाओं के रोजगार और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया है।
Key Highlights
सारठ विधायक ने बजट को ऐतिहासिक और जनहितकारी बताया
गरीब, किसान और युवाओं को बजट का बड़ा लाभ होने का दावा
खजाने में 77 हजार करोड़ रुपये मौजूद होने की बात कही
केंद्र द्वारा राज्य का हिस्सा रोके जाने का आरोप
अपने संसाधनों से विकास करने की प्रतिबद्धता दोहराई
State Finance:खजाना खाली नहीं, 77 हजार करोड़ की मौजूदगी का दावा
सरकार के खजाने को लेकर लग रहे आरोपों पर भी उन्होंने विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राज्य का खजाना खाली नहीं है। उनके मुताबिक 13 हजार करोड़ अलग रखने के बाद भी लगभग 77 हजार करोड़ की राशि उपलब्ध है।
उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि केंद्र द्वारा राज्य के हिस्से की राशि रोके जाने का मुद्दा भी गंभीर है। अगर केंद्र राज्य का बकाया हिस्सा जारी कर दे तो विकास की रफ्तार और तेज हो सकती है। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने से सच्चाई नहीं बदलती।
State Finance:केंद्र पर निर्भर नहीं, अपने संसाधनों से होगा विकास
फंड की कमी और केंद्र पर निर्भरता के सवाल पर विधायक ने दो टूक कहा कि झारखंड अपने संसाधनों से विकास करना जानता है। उन्होंने कहा कि राज्य के पास अपने स्रोत हैं और उन्हीं के समन्वय से योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि केंद्र यह सोचता है कि उसके बिना राज्य का काम नहीं चलेगा तो सरकार उसे भी साबित करके दिखाएगी। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में बड़ी हुंकार के तौर पर देखा जा रहा है।
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