रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में पान मसाला कंपनी के अधिकारियों पर 71 लाख रुपये की कूपन जालसाजी का आरोप। जयपुर और कानपुर के चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज।
Ranchi Fraud Case रांची: राजधानी रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में एक नामी पान मसाला कंपनी से जुड़ा करोड़ों रुपये की जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों और उनके सहयोगियों ने पहले जाली कूपन छापे और फिर कंपनी के असली कूपन की चोरी कर उन्हें बाजार में खपा दिया। इस पूरे फर्जीवाड़े से कंपनी को करीब 71 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
मामले में अपर बाजार निवासी व्यवसायी कालीचरण सिंघानिया के बयान पर चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
Ranchi Fraud Case: जयपुर, कानपुर और जोधपुर के चार आरोपी नामजद
प्राथमिकी में जयपुर (राजस्थान) निवासी लोकेश शर्मा, कानपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी दिव्यांशु शर्मा, जयपुर के नवरत्न बहेटी उर्फ राजेश तथा जोधपुर निवासी शरद कुमार को आरोपी बनाया गया है।
बताया गया है कि लोकेश शर्मा रांची के मोरहाबादी स्थित श्री श्रद्धा टावर के एक फ्लैट में किराये पर रह रहा था और कंपनी में क्षेत्रीय बिक्री प्रबंधक के पद पर कार्यरत था।
Key Highlights:
• पान मसाला कंपनी में 71 लाख रुपये की कूपन धोखाधड़ी का मामला सामने आया
• आरोपियों ने जाली कूपन छापकर बाजार में खपाए
• कंपनी के अधिकृत डीलर की शिकायत पर चार लोगों पर FIR दर्ज
• जयपुर, जोधपुर और कानपुर के आरोपियों के नाम प्राथमिकी में शामिल
• पुलिस मामले की जांच और नेटवर्क की पड़ताल में जुटी
Ranchi Fraud Case: जाली कूपन छापकर बाजार में खपाने का खेल
शिकायतकर्ता कालीचरण सिंघानिया ने पुलिस को बताया कि वे एबी इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर हैं और तेज राम धरम पाल कंपनी के पान मसाला के अधिकृत डीलर हैं।
आरोप है कि जनवरी 2026 से लोकेश शर्मा ने दिव्यांशु शर्मा और राजस्थान में रहने वाले अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर जाली कूपन छापने और उन्हें बाजार में खपाने का धंधा शुरू किया। राजस्थान में बैठे आरोपी फर्जी कूपन तैयार कर लोकेश और दिव्यांशु को भेजते थे, जिन्हें दोनों डिस्ट्रीब्यूटर्स को असली बताकर सौंप देते थे।
Ranchi Fraud Case: धनबाद के डिस्ट्रीब्यूटर की सूचना से खुला मामला
इस धोखाधड़ी का खुलासा 12 अप्रैल 2026 को हुआ, जब धनबाद के एक डिस्ट्रीब्यूटर सचिन ने फोन कर बताया कि लोकेश और दिव्यांशु द्वारा दिए गए कूपन डुप्लीकेट हैं।
इसके बाद कंपनी की ओर से सत्यापन कराया गया, जिसमें सामने आया कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत जाली कूपन छपवाए थे। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और अन्य लोगों की संलिप्तता भी खंगाली जा रही है।
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