रांची में साइबर अपराध के मामलों में बढ़ोतरी। 15 दिनों में 12 से अधिक लोग ठगी के शिकार, मोबाइल हैक कर लाखों की निकासी।
Cyber Crime Alert रांची: राजधानी में साइबर अपराधियों का नेटवर्क लगातार सक्रिय हो गया है। डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, एटीएम अपडेट और मोबाइल हैकिंग जैसे हथकंडों के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाला जा रहा है। हाल के 15 दिनों में रांची में 12 से अधिक लोग साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं।
पीड़ितों का कहना है कि बिना ओटीपी साझा किए और बिना किसी संदिग्ध मैसेज के उनके बैंक खातों से लाखों रुपये की निकासी कर ली गई। रोजाना साइबर थाना में ऐसे मामलों की प्राथमिकी दर्ज हो रही है।
मोबाइल हैक कर उड़ाए जा रहे पैसे
साइबर अपराधी अब सीधे मोबाइल हैक कर बैंक खातों तक पहुंच बना रहे हैं। एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर या संदिग्ध लिंक के माध्यम से डिवाइस में मैलवेयर इंस्टॉल कर दिया जाता है, जिसके बाद खाते से राशि निकाल ली जाती है।
साथ ही फेसबुक मैसेंजर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपातकालीन जरूरत का हवाला देकर ऑनलाइन पैसे मांगने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। कई लोग परिचित समझकर रकम ट्रांसफर कर देते हैं और बाद में ठगी का शिकार हो जाते हैं।
Key Highlights
15 दिनों में रांची के 12 से अधिक लोग साइबर ठगी के शिकार
एपीके फाइल और संदिग्ध लिंक से मोबाइल हैकिंग के मामले बढ़े
हरमू निवासी से 1.23 लाख और पुंदाग निवासी से 1.65 लाख की निकासी
बिना ओटीपी साझा किए भी खातों से रकम उड़ाने की शिकायत
साइबर पुलिस ने अनजान लिंक न खोलने की दी सख्त चेतावनी
केस स्टडी 1: एपीके फाइल से 1.23 लाख की निकासी
हरमू निवासी संजय कुमार यादव के मोबाइल पर एपीके फाइल डाउनलोड कराने के बाद साइबर अपराधियों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद उनके खाते से 1.23 लाख रुपये की निकासी कर ली गई।
पीड़ित के अनुसार मोबाइल पर एक ओटीपी आया और कुछ ही देर बाद खाते से राशि कटने का मैसेज मिला। उन्होंने ओटीपी साझा नहीं किया था, इसके बावजूद रकम निकाल ली गई। मामले में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
केस स्टडी 2: आधे घंटे में 1.65 लाख गायब
पुंदाग ओपी क्षेत्र के जमा मस्जिद के समीप रहने वाले अकील अंसारी का मोबाइल 23 और 24 फरवरी को लगभग आधे घंटे के लिए हैक हो गया। अगले दिन उनके खाते से 1.65 लाख रुपये की निकासी का मैसेज आया।
पीड़ित ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि किसी प्रकार की जानकारी साझा किए बिना ही खाते से राशि निकाल ली गई।
साइबर पुलिस की चेतावनी
श्रीनिवास सिंह, साइबर थाना प्रभारी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक को न खोलें। उनके अनुसार अधिकतर मामलों में संदिग्ध लिंक या फाइल डाउनलोड करने के बाद ही मोबाइल हैक होता है।
उन्होंने कहा कि साइबर पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन लोग सतर्कता नहीं बरतते, जिसके कारण ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं।
Highlights


