पटना : पटना में राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (NEET) छात्रा मौत मामले में शंभु हॉस्टल के बिल्डिंग मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर आज सिविल कोर्ट में सुनवाई होगी। वह पटना के बेउर जेल में बंद है। नीट छात्रा इसी हॉस्टल में रहती थी। 14 जनवरी को पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पटना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया था कि यौन हिंसा की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। प्राइवेट पार्ट पर चोट का जिक्र था। इससे पहले 28 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई हुई थी। उस दौरान उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। आगे की सुनवाई के लिए दो मार्च की तारीख तय की गई।
पॉक्सो एक्ट न लगाने का बताना होगा कारण
मामले की जांच सीबीआई कर रही है। परिजन रेप और हत्या का आरोप लगा रहे हैं। शनिवार को कोर्ट ने सीबीआई से सवाल पूछा था कि जब मामला गंभीर है तो पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया गया? सीबीआई ने 12 फरवरी को हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। आज सीबीआई को जवाब देना पड़ सकता है कि पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया गया।
कोर्ट ने SIT से पूछा कि अबतक की जांच में मनीष रंजन के खिलाफ क्या सबूत जुटाए गए हैं?
शनिवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने एसआईटी से पूछा कि अबतक की जांच में मनीष रंजन के खिलाफ क्या सबूत जुटाए गए हैं? क्या अब भी उसकी जांच के लिए जरूरत है? मनीष पर आरोप क्या है? इसके खिलाफ सबूत क्या हैं? अगर केवल अटेम्प्ट टू मर्डर का केस है, तो स्पष्ट बताएं कि हिरासत क्यों जरूरी है? एसआईटी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ये प्रभावशाली व्यक्ति हैं। इस वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अब हमें इनकी जरूरत नहीं है, क्योंकि अब जांच सीबीआई कर रही है।
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