बेगूसराय में जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 808 कुओं का जीर्णोद्धार और 723 सोक पिट निर्माण से भूगर्भ जलस्तर सुधारने की पहल तेज हुई।
Water Conservation पटना : राज्य में भूगर्भ जलस्तर को बनाए रखने और जल संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा जल-जीवन-हरियाली अभियान बेगूसराय जिले में प्रभावी परिणाम दे रहा है। ग्रामीण विकास विभाग के इस अभियान के तहत पिछले सात वर्षों में जिले के 808 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार किया गया है, जबकि 723 कुओं के पास सोक पिट का निर्माण कर जल पुनर्भरण की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
Key Highlights:
बेगूसराय में 808 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार
723 स्थानों पर सोक पिट निर्माण पूरा
210 छत वर्षा जल संचयन संरचनाएं तैयार
पंचायत स्तर पर जल संरक्षण अभियान को बढ़ावा
भूजल पुनर्भरण से सिंचाई और घरेलू उपयोग में सुधार
Water Conservation: पंचायत स्तर पर जल संरक्षण का व्यापक अभियान
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान को पंचायत स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। कुओं के जीर्णोद्धार के साथ उनका सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है, जिससे वे उपयोगी होने के साथ-साथ संरक्षित भी रह सकें।
Water Conservation:सोक पिट और वर्षा जल संचयन से बढ़ेगा जलस्तर
अभियान के तहत सोक पिट निर्माण को विशेष महत्व दिया गया है। इन संरचनाओं के जरिए वर्षा जल को जमीन में पहुंचाकर भूजल स्तर को सुधारने की योजना है। इसके अलावा, जिले की ग्राम पंचायतों में 210 छत वर्षा जल संचयन संरचनाएं भी तैयार की जा चुकी हैं। इनसे छतों पर गिरने वाले पानी को पाइप के माध्यम से फिल्टर कर भूमिगत टैंक या सोक पिट में भेजा जा रहा है।
Water Conservation: खेती, पशुपालन और घरेलू उपयोग में मिलेगा लाभ
अधिकारियों का मानना है कि भूजल पुनर्भरण से जलस्तर में सुधार होगा, जिससे सिंचाई, पशुपालन और घरेलू उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। साथ ही, यह पहल भविष्य के लिए जल संकट से निपटने में मजबूत आधार तैयार करेगी।
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