नक्शा स्वीकृति मामले में टाउन प्लानर तलब, हाईकोर्ट ने मांगी विस्तृत जानकारी
Ranchi– झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की अदालत में नक्शा स्वीकृत नहीं किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई.
सुनवाई के बाद अदालत ने रांची नगर निगम और आरआरडीए से वर्ष 2019-20 और 2021 में नक्शा स्वीकृत किए जाने से संबंधित रिकार्ड की मांग की है.
अदालत ने इस दौरान रांची नगर निगम की ओर से दाखिल शपथ पत्र में सही जानकारी नहीं होने पर नाराजगी जताई और उसे खारिज कर दिया.
स्पष्ट जानकारी के साथ शपथ पत्र दाखिल करे- नगर निगम
अदालत ने कहा नगर निगम पुनः स्पष्ट जानकारी के साथ अदालत में शपथ पत्र दाखिल करें.
अदालत ने नगर निगम से पूछा है कि तीन साल में नक्शा स्वीकृति के लिए कितने आवेदन आए, कितने नक्शे स्वीकृति किए गए हैं और कितने खारिज किए गए, किन आवेदन में क्या-क्या आब्जेक्शन लगाया गया है, इसकी वर्ष वार जानकारी अदालत में पेश किया जाए. इस मामले में डा. राजेश कुमार के पिता एसएस प्रसाद ने आरआरडीए में नक्शा पास करने के लिए आवेदन दिया था. लेकिन वर्ष 2011 में आरआरडीए ने नक्शा प्लान नहीं होने पर उनका नक्शा अस्वीकृत कर दिया.
इस बीच उन्होंने तीन मंजिला आवास बना लिया. इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने रांची नगर निगम को प्रतिवादी बनाते हुए टाउन प्लानर को तलब किया था. टाउन प्लानर ने बताया कि सबकुछ सही होने पर 45 दिनों में नक्शा स्वीकृत किया जाता है. इस मामले की अगली सुनवाई 25 अप्रैल को होगी.
रिपोर्ट – प्रोजेश




