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रांची नगर निगम में नक्शा पास में देरी: हाईकोर्ट ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट, अगली सुनवाई 16 सितंबर को

रांची: नगर निगम द्वारा भवन नक्शा पास करने में हो रही देरी को लेकर मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद निगम से जवाब तलब किया।

अदालत ने निगम से पूछा है कि अब तक कितने भवनों का डीम्ड नक्शा (निर्धारित समय में स्वीकृति नहीं देने पर स्वतः स्वीकृत नक्शा) स्वीकृत किया गया है। साथ ही, वर्ष 2023 से अब तक जमा हुए नक्शा आवेदन, स्वीकृत, अस्वीकृत और लंबित नक्शों का पूरा ब्यौरा एक चार्ट के रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि रांची नगर निगम को नक्शा पास प्रक्रिया में पारदर्शिता लानी होगी। साथ ही यह भी कहा कि सभी आवेदन और स्वीकृति की जानकारी निगम की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवेदकों को कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।

क्रेडाई की जनहित याचिका

यह जनहित याचिका कंफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भवन उपनियमों के तहत यदि निगम एक माह में नक्शा पास नहीं करता है तो उसे स्वतः स्वीकृत (डीम्ड अप्रूवल) माना जाना चाहिए। लेकिन हकीकत में कई बार 4 माह तक भी आवेदन लंबित रहते हैं।

पिछली सुनवाई में निगम की ओर से बताया गया था कि पर्याप्त लीगल अफसर की नियुक्ति नहीं होने के कारण नक्शा पास करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इस पर अदालत ने कहा था कि जब तक नए लीगल अफसरों की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक पूर्व की तरह पुराने लीगल एडवाइजर से ही नक्शा पास की प्रक्रिया जारी रखी जाए। इसके बाद निगम ने पूर्व लीगल एडवाइजर को फिर से जिम्मेदारी सौंपी है।

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