झारखंड में नर्सिंग शिक्षा सुधार के लिए सख्ती, 61 कॉलेजों की समीक्षा, ऑनलाइन NOC प्रक्रिया लागू और उल्लंघन पर जुर्माना तय
Jharkhand Nursing Education Update रांची: झारखंड में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। सोमवार को आयोजित निष्पादन समिति की बैठक में राज्य के 61 नर्सिंग कॉलेजों के अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) आवेदनों की समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने की, जिसमें संबंधित अधिकारियों ने कॉलेजों की स्थिति, दस्तावेज और आधारभूत सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की।
Jharkhand Nursing Education Update: जमीन और आधारभूत सुविधाओं की होगी कड़ी जांच
बैठक में कॉलेजों की जमीन, भवन और बुनियादी ढांचे की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि संस्थान अपनी जमीन पर संचालित हैं या लीज पर।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की रसीद और शहरी क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स की स्थिति की भी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
Key Highlights:
61 नर्सिंग कॉलेजों के NOC आवेदनों की समीक्षा
जमीन, भवन और सुविधाओं की कड़ी जांच के निर्देश
किराये या लीज पर चल रहे कॉलेजों पर सख्ती
NOC प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जाएगी
नियम उल्लंघन पर जुर्माना और निलंबन की चेतावनी
Jharkhand Nursing Education Update: किराये और लीज पर चल रहे कॉलेजों पर सख्ती
अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन कॉलेजों को पहले स्थायी भवन बनाने का अवसर दिया गया था, उन्हें अब तक यह कार्य पूरा कर लेना चाहिए था।
ऐसे संस्थानों की विशेष समीक्षा की जाएगी और यदि नियमों का पालन नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Jharkhand Nursing Education Update: अब पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
स्वास्थ्य विभाग ने अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। अब ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
साथ ही सभी कॉलेजों को फैकल्टी की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने, बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू करने और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया है।
Jharkhand Nursing Education Update: नियम उल्लंघन पर जुर्माना और निलंबन की चेतावनी
विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की स्पष्ट व्यवस्था तय की है। पहली बार उल्लंघन पर 25 हजार रुपये, दूसरी बार 50 हजार और तीसरी बार एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर संबंधित संस्थान को निलंबित किया जा सकता है। वहीं लगातार तीन वर्षों तक मानकों का पालन नहीं करने वाले कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया रोकने पर भी विचार किया जाएगा।
Highlights


