Ranchi: प्रकृति पर्व सरहुल के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय सरना समिति के साथ-साथ विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और सरहुल पर्व के आयोजन को लेकर अपने सुझाव जिला प्रशासन के समक्ष रखे।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक रांची राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक (यातायात) राकेश सिंह, अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) राजेश्वरनाथ आलोक, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत, परियोजना निदेशक आईटीडीए श्री संजय भगत, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय, नगर निगम सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान केंद्रीय सरना समिति एवं अन्य आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरहुल पर्व के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था, सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा शोभायात्रा के सुचारु संचालन को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि सरहुल पर्व को पूरे उत्साह, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा।
बैठक में नगर निगम द्वारा प्रमुख सरना स्थलों एवं शोभायात्रा मार्गों पर साफ-सफाई और लाइट की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई। साथ ही प्रमुख स्थानों पर शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को उनके घर तक पहुंचाने के लिए नगर निगम की ओर से बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने सभी सरना समितियों से अनुरोध किया कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में झंडा एवं झांकी की ऊंचाई 6 मीटर से अधिक न रखी जाए, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना से बचा जा सके। साथ ही सरना समितियों द्वारा ध्वनि प्रदूषण को लेकर नियम का अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही गयी।
बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता – उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री
इस अवसर पर उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि सरहुल पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरना समितियों के बीच समन्वय एवं संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सरना समिति के सदस्यों से प्रशासन द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने का आग्रह किया, ताकि सूचना का त्वरित आदान-प्रदान हो सके।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के साथ हम “टीम रांची” के रूप में मिलकर आगे बढ़ेंगे और सरहुल पर्व को सफल बनाएंगे। उन्होंने आदिवासी संस्कृति और परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पिछले वर्ष राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित “दुनिया की जतरा” कार्यक्रम माननीय मुख्यमंत्री की पहल से ही संभव हो पाया, जिसमें पूरे राज्य से आदिवासी कलाकारों ने भाग लिया और दुनिया ने आदिवासी अस्मिता और संस्कृति की झलक देखी।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने यह भी कहा कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा के दृष्टिकोण से कुछ व्यवस्थाएं और नियम बनाए जाते हैं, जिनका उद्देश्य सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन और समाज के सहयोग से सरहुल पर्व पूरे उल्लास और गरिमा के साथ मनाया जाएगा।
वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने कहा कि पर्व के दौरान सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की जायेगी। सभी के सहयोग से सरहुल पर्व का सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन होगा।
बैठक में सरहुल पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा तथा शोभायात्रा के सुचारु संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई
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