Ranchi Crime Update: राजधानी रांची के कुटियातू स्थित ‘द टीटोज फैमिली रेस्टोरेंट‘ में हुई गोलीबारी मामले में गिरफ्तार प्रिंस खान गैंग के गुर्गों ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पलामू के अमन सिंह उर्फ कुबेर और अफजल अमन को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि अपराधियों का मकसद केवल दहशत फैलाना था, लेकिन शूटर की एक गलती ने इसे हत्याकांड में बदल दिया।
Ranchi Crime Update – मुख्य बिंदु (Key Highlights):
प्रिंस खान गैंग के दो मुख्य गुर्गे गिरफ्तार, भेजे गए जेल।
रेस्टोरेंट संचालक को डराने की थी साजिश, लेकिन हुई मनीष की हत्या।
गैंग में कम उम्र के लड़कों की भर्ती और कमीशन सिस्टम का पर्दाफाश।
धनबाद मुठभेड़ के बाद 16 मार्च को हुई थी आरोपियों की गिरफ्तारी।
डराने के लिए रची गई थी फायरिंग की साजिश
पूछताछ के दौरान अमन सिंह उर्फ कुबेर ने स्वीकार किया कि प्रिंस खान के निर्देश पर रेस्टोरेंट संचालक को डराने और रंगदारी वसूलने के लिए फायरिंग की योजना बनाई गई थी। योजना के तहत केवल रेस्टोरेंट कर्मी को घायल कर दहशत पैदा करनी थी। इसके लिए कुबेर ने ही अफजल अमन को पैसे मुहैया कराए थे।
शूटर ने बदली प्लानिंग: ‘हॉस्पिटलाइज’ करने के बजाय मार दी गोली
अफजल अमन ने पुलिस को बताया कि उसने वासेपुर से हथियार और शूटर का इंतजाम किया था। तय प्लानिंग के अनुसार, शूटर को सिर्फ डराना था, लेकिन मौके पर शूटर ने सीधे गोली चला दी। इस फायरिंग में रेस्टोरेंट कर्मी मनीष की मौत हो गई, जिससे यह मामला साधारण रंगदारी से बदलकर गंभीर मर्डर केस में तब्दील हो गया।
गैंग का ‘कमीशन मॉडल’: युवाओं को बनाया जा रहा है निशाना
पुलिसिया जांच में गैंग के कामकाज के तरीके (Modus Operandi) का भी खुलासा हुआ है:
भर्ती: गिरोह में कम उम्र के युवाओं को लालच देकर जोड़ा जा रहा है।
जिम्मेदारी: हर सदस्य का काम तय होता है—जैसे रेकी करना, हथियार पहुंचाना या फायरिंग करना।
कमीशन: काम की गंभीरता के आधार पर गुर्गों को मोटा कमीशन और पैसे दिए जाते हैं।
घटना का घटनाक्रम (Timeline)
7 मार्च: एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के कुटियातू स्थित रेस्टोरेंट में फायरिंग, मनीष की मौत।
16 मार्च: धनबाद के भागाबांध में पुलिस मुठभेड़ के बाद अमन और अफजल की गिरफ्तारी।
24 मार्च: पूछताछ के बाद आरोपियों को एयरपोर्ट थाने से जेल भेजा गया।
रांची पुलिस अब उन शूटर्स और अन्य मददगारों की तलाश में जुटी है, जिन्होंने इस घटना को अंजाम देने में मदद की थी। प्रिंस खान गैंग के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए छापेमारी जारी है।
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