झारखंड में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों को फर्जी कॉल कर पैसे मांगने का मामला सामने आया, सरकार ने जारी किया अलर्ट।
Jharkhand Health Scam Alert रांची: रांची में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े अस्पतालों को फर्जी कॉल कर धमकाने और पैसे मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी ने सभी अस्पतालों और आम लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक अस्पताल प्रतिनिधि को कॉल कर खुद को अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने शिकायत और जांच का डर दिखाकर पैसे की मांग की, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था को निशाना बनाने की आशंका जताई जा रही है।
Jharkhand Health Scam Alert:फर्जी अधिकारी बनकर मांगे पैसे
मुंधड़ा हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि वरुण मुंधड़ा को 25 मार्च की सुबह करीब 10:30 बजे एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को अजय अग्रवाल बताते हुए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का नोडल अधिकारी बताया।
उसने दावा किया कि अस्पताल के खिलाफ 256 पेज की शिकायत दर्ज है और केंद्रीय जांच टीम आने वाली है। इसके बाद शिकायत की कॉपी उपलब्ध कराने और मामले को “मैनेज” करने के नाम पर पैसे की मांग की गई।
हालांकि अस्पताल प्रबंधन को कॉल संदिग्ध लगा और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना संबंधित एजेंसी को दी।
Key Highlights
आयुष्मान भारत योजना के नाम पर फर्जी कॉल का मामला
अधिकारी बनकर अस्पताल से पैसे मांगने की कोशिश
शिकायत के बाद जांच प्रक्रिया शुरू
आरोग्य सोसाइटी ने जारी किया अलर्ट
अस्पतालों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
Jharkhand Health Scam Alert:शिकायत के बाद जांच शुरू
अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले की जानकारी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को ईमेल के जरिए दी। कंपनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी को जांच के लिए अग्रसारित कर दिया।
अब इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है, ताकि ठगी करने वाले गिरोह की पहचान की जा सके।
Jharkhand Health Scam Alert:सरकार ने जारी किया अलर्ट
आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने सभी अस्पतालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि कोई भी व्यक्ति यदि खुद को अधिकारी बताकर धमकी दे या पैसे की मांग करे, तो उसके झांसे में नहीं आएं।
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल या ठगी के प्रयास की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दी जाए।
इस घटना को स्वास्थ्य संस्थानों को निशाना बनाने की गंभीर कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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