रांची : बड़कागांव में एनटीपीसी के खनन कार्य के विरोध के दौरान हिंसा को लेकर फिर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, उनकी पत्नी निर्मला देवी और मंटू सोनी को अदालत ने दोषी करार दिया है. अपर न्यायुक्त विशाल श्रीवासतव की अदालत ने दोनों पति-पत्नी को छह-छह माह की कैद की सजा सुनाई है व पांच-पांच हजार रुपए जुर्माना लगाया है.
मामला बड़कागांव थाना कांड संख्या 135/16 से जुड़ा है. 17 मई 2016 को ग्रामीणों द्वारा एनटीपीसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी. प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासन की सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी. मामले में पूर्व मंत्री सहित 23 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.
पांच आरोपितों लालजीत राणा उर्फ लालजी राणा, प्रकाश राणा उर्फ जय प्रकाश राणा, धर्मू राणा, मिथिलेश डांगी, राजीव रंजन, मो. जाहिद उर्फ मो. जाहिद अली को पीआर बांड पर रिहा करने का आदेश दिया. बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिरुद्ध ने कहा कि प्रशासन ने मनगढ़त केस दर्ज किया है. इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी.

















