Jharkhand: शनिवार, 11 अप्रैल को धनबाद के Tundi प्रखण्ड मुख्यालय से एक किलोमीटर तथा थाना से आधा किलोमीटर भूरसाबांक यज्ञ स्थल एवं अलकुसिया जोरिया के मध्य बजरंगबली मंदिर एवं काली मंदिर से कुछेक दूरी पर Tundi से लोधिरिया की ओर जा रहे चार पहिया वाहन संख्या बी०आर० ओ० 1 एच०क्यू० 2874 सड़क पर दो चितल हिरण में से एक से जोरदार टक्कर हो गई। चार पहिया वाहन की चक्का जाम हो जाने के कारण चालक वाहन लेकर भागने में असफल रहें। वाहन में कुल चार व्यक्ति बैठें थे।
उपचार की कमी से चित्तल की मौत
आवाज़ सुनकर मंदिर से पुजारी के अलावा पूजा-अर्चना कर रहे कुछ लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। फोन के माध्यम से लोग एकत्रित होने लगें। हालांकि बहुत देर तक चितल हिरण दर्द से तड़पते रहा। सब मिलकर उसे पशु चिकित्सालय ले गए। पर वहां ना तो चिकित्सक मिले ना कोई उपचार की कोई व्यवस्था। बहुत देर तड़पने के पश्चात चितल हिरण ने दम तोड़ दिया ।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का आभाव
Tundi के ग्रामीणों एवं प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा पशु चिकित्सालय की क्या बात हैं। यहां तो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दुबराजपुर, Tundi में चिकित्सक का हमेशा अभाव रहता हैं। बहुत से लोगों को तड़पते देखा जा सकता हैं या फिर रोगी मुख्य फाटक में देखने से पूर्व ही रेफर का कागजात तैयार हों जाता हैं। सहायक वन संरक्षक अजय कुमार मंजुल ने अपने सहयोगियों के सहयोग से चार पहिया वाहन को अपने कब्जे में लेकर चितल हिरण को कुसमाटांड नर्सरी परिसर में पांच फुट गड्ढे कर मिट्टी देने की प्रक्रिया के अलावा आगे की कार्यवाही चल रही हैं।
समाचार लिखे जाने तक वाहन में सवार चारों व्यक्तियों का नाम और पता नहीं चल पाया हैं।
हो सकती है 7 साल की सजा
सहायक वन संरक्षक अजय कुमार मंजुल के अनुसार वाहन चालकों पर यदि हत्या का आरोप प्रमाणित होता हैं तों 03 से 07 वर्ष तक की सजा एवं 01,00,000 रुपए का अर्थदंड सम्भव हैं। साथ ही वाहन के मालिक पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ है। घटना की रिपोर्ट सीजेएम को की जाएगी। हिरण संरक्षित जीवों की श्रेणी में आता है। दोष सिद्ध होने पर 3 से 7 साल तक जेल या 25,000 से 1,00,000 तक का अर्थदंड हो सकता है।
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