‘अब बिहार को उन्नत बीज और पौध के उत्पादक राज्य के रूप में किया जाएगा विकसित’

पटना : राज्य में गुणवत्तापूर्ण बीज एवं रोपण-सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक सुदृढ़, पारदर्शी एवं टिकाऊ उत्पादन प्रणाली विकसित की जा रही है। अब बिहार केवल उपभोक्ता राज्य नहीं बल्कि उद्यानिकी फसलों के गुणवत्तापूर्ण बीज एवं पौध के उत्पादक राज्य के रूप में विकसित किया जाएगा। ये बातें कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कही। वे मीठापुर स्थित कृषि भवन में बिहार में उद्यानिकी रोपण-सामग्री उत्पादन के लिए पीपीपी मॉडल विषय पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक में विभिन्न स्तरों के हितधारकों, विभागीय पदाधिकारियों, राज्य स्थित कृषि विश्वविद्यालयों एवं भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित बीज उत्पादक संस्थानों, एफपीओ, नर्सरी संचालकों मौजूद थे।

प्रधान सचिव ने कहा- गुणवत्तापूर्ण बीज एवं रोपण सामग्री की समय पर उपलब्धता जरुरी है

इसमें प्रधान सचिव ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज एवं रोपण सामग्री की समय पर उपलब्धता जरुरी है। यह फल, सब्जी, मसाला एवं अन्य उद्यानिकी फसलों की उत्पादकता, गुणवत्ता और किसानों की आय वृद्धि की आधारशिला है। गुणवत्तापूर्ण सामग्री की कमी और इसके लिए बाहरी राज्यों पर निर्भरता जैसी चुनौतियां किसानों की लागत बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन क्षमता को सीमित करती है। इस मौके पर कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ बीरेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों को संकलित कर राज्य के लिए एक व्यावहारिक एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे बिहार में सब्जी, मसाला एवं अन्य उद्यानिकी फसलों के लिए गुणवत्तापूर्ण रोपण-सामग्री की आत्मनिर्भर आपूर्ति प्रणाली स्थापित की जा सके।

बिहार में उद्यानिकी रोपण सामग्री का 80 प्रतिशत से ज्यादा बिहार के बाहर के राज्यों से आपूर्ति कराई जाती है – उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार

उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि बिहार में उद्यानिकी रोपण सामग्री का 80 प्रतिशत से ज्यादा बिहार के बाहर के राज्यों से आपूर्ति कराई जाती है। इस कारण परिवहन भाड़ा के साथ रोपण सामग्रियां किसानों को उच्च मूल्य पर प्राप्त हो पाती है। कृषि विभाग के अन्तर्गत तीन सौ से ज्यादा नर्सरियां एवं 60 से ज्यादा कृषि फार्म आधारभूत संरचना के साथ सुदृढ़ किए गए हैं, जहां पीपीपी मॉडल आधारित सब्जी बीज एवं रोपण सामग्री का उत्पादन किया जा सकता है।

किसानों के हितों की सुरक्षा, समयबद्ध आपूर्ति एवं गुणवत्ता आश्वासन को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी

चर्चा के दौरान पीपीपी आधारित ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल, स्थानीय नर्सरियों के उन्नयन, बीज ग्राम अवधारणा, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, व डिजिटल ट्रैकिंग एवं पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत सुझाव प्राप्त हुए। साथ ही किसानों के हितों की सुरक्षा, समयबद्ध आपूर्ति एवं गुणवत्ता आश्वासन को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। इस अवसर पर कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, बिहार राज्य बीज निगम के प्रबंध निदेशक स्पर्श गुप्ता, बसोका निदेशक संतोष कुमार उत्तम, निजी बीज कंपनियों के प्रतिनिधि, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. आरपीसीएयू, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के वैज्ञानिक एवं अन्य विभागीय वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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