रांची के इंडियन बैंक अपर बाजार शाखा से संवेदनशील बैंक दस्तावेज और ग्राहक अभिलेख चोरी हो गए। सीसीटीवी में घटना कैद, धोखाधड़ी की आशंका बढ़ी।
Indian Bank Theft Case रांची: Indian Bank की अपर बाजार शाखा से संवेदनशील बैंक दस्तावेजों और गोपनीय ग्राहक अभिलेखों की चोरी का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद बैंक प्रबंधन और पुलिस प्रशासन दोनों सतर्क हो गए हैं। मामले को वित्तीय धोखाधड़ी और जालसाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।
शाखा प्रबंधक कुमार सर्वजीत ने 20 अप्रैल को कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि 7 अप्रैल को दोपहर लगभग 1:06 बजे अज्ञात पुरुष बैंक के आंतरिक क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर गए और बैंक वाउचर तथा गोपनीय अभिलेखों का एक बंडल चुरा लिया।
Indian Bank Theft Case: 30 मार्च 2026 के मूल अभिलेख चोरी
बैंक प्रबंधन के अनुसार चोरी हुए बंडल में 30 मार्च 2026 की तारीख के मूल अभिलेख शामिल थे। ये दस्तावेज बैंकिंग लेनदेन और ग्राहकों से जुड़े संवेदनशील रिकॉर्ड माने जा रहे हैं। ऐसे दस्तावेजों के गायब होने से वित्तीय गड़बड़ी और रिकॉर्ड के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।
अधिकारियों का कहना है कि इन अभिलेखों का गलत इस्तेमाल कर जालसाजी, फर्जी लेनदेन या बैंकिंग धोखाधड़ी की कोशिश की जा सकती है। इसी कारण मामले को गंभीर श्रेणी में रखा गया है।
Key Highlights:
• इंडियन बैंक की अपर बाजार शाखा से गोपनीय दस्तावेज चोरी
• बैंक के आंतरिक क्षेत्र में अनाधिकृत प्रवेश कर वारदात को अंजाम
• 30 मार्च 2026 के मूल बैंक अभिलेख चोरी हुए
• पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड
• वित्तीय धोखाधड़ी और जालसाजी की आशंका पर प्राथमिकी दर्ज
Indian Bank Theft Case: सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई वारदात
चोरी की पूरी घटना शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस अज्ञात आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। बैंक के अंदरूनी हिस्से में प्रवेश कर चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपियों ने बैंक के प्रतिबंधित क्षेत्र तक पहुंच कैसे बनाई और क्या इस वारदात में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका भी हो सकती है।
Indian Bank Theft Case: धोखाधड़ी की आशंका से बढ़ी सतर्कता
बैंक प्रबंधन ने मामले को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। ग्राहक अभिलेखों और बैंक वाउचर की चोरी को सिर्फ सामान्य चोरी नहीं, बल्कि संभावित वित्तीय अपराध के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
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