Dhanbad: धनबाद जिले के डेंजर जोन, भू-धंसान क्षेत्र में रहने वाले लोगों की जिंदगी हर पल खतरे में गुजर रही है। विस्थापन केवल आश्वासन और कागजो तक सिमट कर रह गया है। Baghmara के टांडाबाड़ी बस्ती में बुधवार सुबह करीब 6 बजे एक बार फिर बड़ा भू-धंसान हुआ, जिससे पूरी बस्ती लगभग 4 फीट नीचे धंस गई। घटना के बाद इलाके में अफरा- तफरी मच गई और दहशत के माहौल में लोग अपने घरों से जरूरी सामान लेकर बाहर निकल आए।
मन्दिर,घर और पीसीसी सड़क में दरार आ गई है
यह घटना सोनारडीह ओपी क्षेत्र में हुई है। लोगों ने बताया कि आचनक जमीन धंसने लगी जिसके बाद सभी जल्दी जल्दी घरों से बाहर निकल गए। मन्दिर,घर और पीसीसी सड़क में दरार आ गई है। 31 मार्च 2026 को भी यहां भू-धंसान की घटना में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद बीसीसीएल रेस हुई सभी को विस्थापित करने की बात कहा था। लेकिन मामला ठंढा पड़ते ही Baghmara जिला प्रशासन बस्ती की सुध तक लेने नही पहुँच रहे है। कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।
खुले आसमान के नीचे सड़कों पर रहने को मजबूर लोग
बुधवार की घटना के बाद लोग तेज धूप में खुले आसमान के नीचे सड़कों और मैदान में अपने परिवार और छोटे-छोटे बच्चों के साथ रहने को मजबूर हैं। घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी बीसीसीएल अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछली घटना को करीब 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें न तो पुनर्वास की व्यवस्था दी गई और न ही स्थायी समाधान।
बीसीसीएल ने अपने 6 कर्मियों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया
ग्रामीणों का कहना है कि बीसीसीएल ने अपने 6 कर्मियों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया, लेकिन आम लोगों को खतरे के बीच छोड़ दिया गया है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि यदि बीसीसीएल कर्मियों को नुकसान होता है तो कंपनी को भारी मुआवजा देना पड़ता है, जबकि आम लोगों के साथ ऐसा नहीं है, इसलिए उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार राहत कैंप भी बंद कर दिया गया है, जिससे महिलाएं, पुरुष और बच्चे भूख-प्यास से जूझ रहे हैं। फिलहाल, प्रभावित लोग प्रशासन और बीसीसीएल से तत्काल राहत, पुनर्वास और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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