मोतिहारी : शोपीस बनी पाइपलाइन ने खोली व्यवस्था की पोल पताही प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर उजागर हो गई है। सोमवार को पताही पूर्वी पंचायत निवासी रामनरेश साह को सांस लेने में गंभीर तकलीफ के बाद अस्पताल लाया गया, जहाँ सिस्टम की नाकामी के कारण उन्हें अस्पताल के बेड पर नहीं, बल्कि बाहर खड़ी एम्बुलेंस में ऑक्सीजन देनी पड़ी। यह घटना तब हुई जब अस्पताल के हर वार्ड में ऑक्सीजन पाइपलाइन बिछी हुई है, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण इसका कनेक्शन तक नहीं जुड़ सका है।
अस्पताल के भीतर मरीजों को बेड पर ही निर्बाध ऑक्सीजन मिले
अस्पताल के भीतर मरीजों को बेड पर ही निर्बाध ऑक्सीजन मिले, इसके लिए लाखों की लागत से पाइपलाइन का जाल तो बिछा दिया गया, लेकिन हकीकत यह है कि यह पाइपलाइन ऑक्सीजन प्लांट या सिलेंडरों से जुड़ी ही नहीं है। ठेकेदार ने पाइप बिछाने का काम तो किया, लेकिन मेन कनेक्शन और आउटलेट पॉइंट्स को अधूरा छोड़कर गायब हो गया। पाइपलाइन को चालू करने के लिए जरूरी कंट्रोल पैनल और रेगुलेटर सिस्टम का कहीं अता-पता नहीं है।

अस्पताल के स्टोर रूम में दर्जनों ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं, पाइपलाइन से जोड़ने वाला कनेक्शन सिस्टम फेल होने के कारण वे किसी काम क नहीं रहे
हैरानी की बात यह है कि अस्पताल के स्टोर रूम में दर्जनों ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें पाइपलाइन से जोड़ने वाला कनेक्शन सिस्टम फेल होने के कारण वे किसी काम क नहीं रहे। यदि यह कनेक्शन सही होता, तो रामनरेश साह को एम्बुलेंस के छोटे से पोर्टेबल सिलेंडर के भरोसे नहीं रहना पड़ता। अस्पताल परिसर में ही एम्बुलेंस के भीतर इलाज होते देख वहां मौजूद लोगों ने जमकर हंगामा किया और विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। स्थानीय ग्रामीणों और मरीज के परिजनों का कहना है कि ऑक्सीजन पाइपलाइन के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट हुआ है। बिना कनेक्शन जोड़े ही कागजों पर काम पूरा दिखा दिया गया है।

ऑक्सीजन कनेक्शन को दुरुस्त कर पाइपलाइन चालू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे – परिजन
परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ऑक्सीजन कनेक्शन को दुरुस्त कर पाइपलाइन चालू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे। अस्पताल की दीवारों पर बिछी पीली पाइपलाइन अब सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। इसमें न तो गैस का प्रेशर है और न ही बेड तक पहुंचने का कोई रास्ता। बिना प्रेशर गेज और वाल्व कनेक्शन के यह पूरी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।

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सोहराब आलम की रिपोर्ट
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