बिहार कला एवं संस्कृति विभाग की त्रैमासिक पत्रिका ‘कला संवाद’ के दूसरे अंक का विमोचन। मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने इसे कला प्रेमियों और विभाग के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बताया।
Bihar Art and Culture पटना: बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका ‘कला संवाद’ के द्वितीय अंक का शुक्रवार को विमोचन किया गया। कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने पत्रिका का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह प्रकाशन आने वाले समय में विभाग और कला प्रेमियों के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि विभाग की गतिविधियों, योजनाओं और उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने में यह पत्रिका महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विमोचन कार्यक्रम में विभाग के सचिव प्रणव कुमार, संग्रहालय निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी अमृता प्रीतम, आंतरिक वित्तीय सलाहकार राणा सुजीत कुमार टुनटुन सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
Bihar Art and Culture: हर तीन माह में प्रकाशित होगी ‘कला संवाद’
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि ‘कला संवाद’ का नियमित प्रकाशन प्रत्येक तीन माह पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग की विभिन्न योजनाओं, सांस्कृतिक आयोजनों, गतिविधियों और उपलब्धियों की विस्तृत एवं प्रमाणिक जानकारी इस पत्रिका के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि विभाग से संबंधित व्यवस्थित और प्रामाणिक साहित्य की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘कला संवाद’ के प्रकाशन की शुरुआत की गई है, ताकि कला और संस्कृति से जुड़ी जानकारियां एक मंच पर उपलब्ध हो सकें।
Key Highlights
‘कला संवाद’ त्रैमासिक पत्रिका के दूसरे अंक का हुआ विमोचन।
कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने पत्रिका को संवाद का प्रभावी माध्यम बताया।
विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की प्रमाणित जानकारी होगी प्रकाशित।
शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और कलाकारों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री बनेगी पत्रिका।
बिहार की कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार को मिलेगा बढ़ावा।
Bihar Art and Culture:शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए बनेगी उपयोगी संदर्भ सामग्री
मंत्री ने कहा कि यह पत्रिका कलाकारों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री के रूप में विकसित होगी। इसके माध्यम से विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों और सांस्कृतिक गतिविधियों की नियमित और प्रमाणित जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे कला और संस्कृति के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों, लोक कलाओं और परंपराओं से संबंधित सामग्री भी पत्रिका में शामिल की जाएगी, जिससे नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
Bihar Art and Culture:कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को मिलेगा बल
डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि ‘कला संवाद’ बिहार की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह पत्रिका राज्य की सांस्कृतिक गतिविधियों का दस्तावेज बनने के साथ-साथ कला जगत से जुड़े लोगों को एक साझा मंच भी उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने इस पहल के लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे रचनात्मक प्रयास कला एवं संस्कृति के क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ-साथ समाज में सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में विभागीय अधिकारियों ने पत्रिका के उद्देश्य और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की तथा इसे कला और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
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