अब लाउडस्पीकर पर गरमायी बिहार की राजनीति
Patna– उत्तर प्रदेश के बाद अब बिहार में लाउडस्पीकर पर राजनीति गरमा गयी है. राज्य में सियासी घमासान तेज हो गया है. जहां भाजपा की ओर से लाउडस्पीकर हटाए जाने की वकालत की जा रही है.
वहीं राजद सहित जदयू खेमा इसका विरोध कर रहा है. बिहार सरकार में बीजेपी कोटे से मंत्री जनक राम ने इसकी वकालत करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश के बाद अब बिहर में भी इसकी धमक सुनाई पड़ने लगी है. जल्द ही बिहार से लाउडस्पीकरों को हटाया जाएगा.
जदयू को मिला राजद का साथ
लेकिन इसके ठीक विपरित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पूरे विवाद को बेकार की बात बतलाया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि हम किसी के धार्मिक मामले में दखल नहीं देते. बड़ी बात यह है कि इस मुद्दे पर जदयू को राजद का भी साथ मिलता दिख रहा है.
नागपुर से लागू होता है भाजपा का कानून-तेजस्वी
यहां बता दें कि राजद का स्टैंड भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलता-जुलता है. राजद ने कहा है कि किसी की धार्मिक मामलों में दखल देना गलत है. भाजपा का कानून तो नागपुर से लागू होता है. लेकिन संवैधानिक रुप से हर किसी को अपना धर्म मानने का अधिकार है. मैं टीका लगाउ, टोपी या पगड़ी पहनू क्या फर्क पड़ता है. मेरी तो शादी भी तो अलग धर्म की युवती से हुई है. यह तो पसंद का मामला है.
जब रोजी रोटी की बात होती है, तब किसी एक धर्म की बात नहीं होती, जब रोजगार की बात होती है, तब किसी एक धर्म के लोगों की बात नहीं होती. सवाल यह है क समाज को कहां ले जाना चाह रहे हैं, सरकार को नागपूर से दिशा निर्देश मिल रहा है. वहीं के कानून को लागू करने की कोशिश की जा रही है.
रिपोर्ट- शक्ति
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