विश्व पर्यावरण दिवस पर बिहार के गांवों में 1 से 5 जून तक स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु अभियान चलेगा। स्वच्छता, जल संरक्षण, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और ओडीएफ प्लस मॉडल पर रहेगा जोर।
ODF Plus Model पटना: विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जून से 5 जून तक “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु” अभियान चलाया जाएगा। इस विशेष अभियान के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही गांवों में ओडीएफ प्लस मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर रहेगा।
ODF Plus Model:स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा नया आयाम
ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 (एसडब्ल्यूएम रूल-2026) की जानकारी लोगों तक पहुंचाना और नई नियमावली के अनुरूप स्वच्छता गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके तहत समुदाय आधारित सहभागिता के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत किया जाएगा।
अभियान के दौरान प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 4R सिद्धांत को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें रिफ्यूज (इंकार करना), रिड्यूस (कम करना), रियूज (पुनः उपयोग) और रिसाइकिल (पुनर्चक्रण) शामिल हैं। वहीं धूसर जल प्रबंधन के लिए 3R सिद्धांत रिड्यूस, रियूज और रिचार्ज को लेकर ग्रामीण समुदायों को जागरूक किया जाएगा।
इसके अलावा चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी), वेस्ट टू वेल्थ की अवधारणा, सामुदायिक स्वच्छता परिसंपत्तियों के संचालन एवं अनुरक्षण तथा जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
Key Highlights:
1 से 5 जून तक गांवों में चलेगा ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ अभियान।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक।
प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के 4R और धूसर जल प्रबंधन के 3R सिद्धांतों को मिलेगा बढ़ावा।
ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर रहेगा विशेष फोकस।
विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष ग्राम सभाओं के साथ अभियान का समापन होगा।
ODF Plus Model:पांच दिनों तक अलग-अलग विषयों पर होंगे कार्यक्रम
अभियान का औपचारिक शुभारंभ 1 जून को सभी जिलों में किया जाएगा। पहले दिन ग्राम पंचायतों और सहयोगी संस्थाओं का उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित होगा। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रावधानों की जानकारी देने के लिए जिला पदाधिकारियों की अध्यक्षता में विशेष कार्यक्रम होंगे।
इन कार्यक्रमों में विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, मुखिया, जनप्रतिनिधि और सहयोगी संस्थाएं शामिल होंगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि पंचायत प्रतिनिधि, पंचायत सचिव, स्वच्छता पर्यवेक्षक और आम नागरिक नई नियमावली से अवगत हो सकें।
अभियान के दूसरे दिन सामुदायिक स्वच्छता परिसंपत्तियों का निरीक्षण और उनकी कार्यक्षमता का आकलन किया जाएगा। इस दौरान अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयों, सेग्रीगेशन शेड, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों, गोबरधन इकाइयों तथा घर-घर कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा।
ODF Plus Model:पौधरोपण, जागरूकता और ग्राम सभाओं के साथ होगा समापन
तीसरे दिन 3 जून को अधिक मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जेनरेटर की पहचान और सूचीबद्ध करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। चौथे दिन स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक सफाई अभियान और पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
इस दौरान “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाए जाएंगे और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभियान के अंतिम दिन 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन होगा। इन ग्राम सभाओं में पांच दिवसीय अभियान की उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही बल्क वेस्ट जेनरेटर सहित सभी हितधारकों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर चर्चा होगी तथा भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
ODF Plus Model:ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और जलवायु संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
ग्रामीण विकास विभाग का मानना है कि यह अभियान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण समुदायों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सामुदायिक भागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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