झारखंड में ईडी ने माओवादी टेरर फंडिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3.87 करोड़ रुपये की 11 अचल संपत्तियां कुर्क कीं। जांच में 7.16 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का खुलासा हुआ।
ED Action in Jharkhand रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के रीजनल कमांडर रविंद्र गंझू और मेसर्स संतोष कंस्ट्रक्शन से जुड़े कथित टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के रांची जोनल कार्यालय ने 3.87 करोड़ रुपये मूल्य की 11 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।
ED Action in Jharkhand:मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बड़ी कार्रवाई
ईडी के अनुसार यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है। कुर्क की गई संपत्तियां रीजनल कमांडर रविंद्र गंझू, संतोष कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह, मनीष कुमार, बैजनाथ गंझू और राजेश कुमार गंझू के नाम पर हैं। एजेंसी का आरोप है कि इन संपत्तियों का संबंध प्रतिबंधित माओवादी संगठन के वित्तीय नेटवर्क से है।
Key Highlights
ईडी ने माओवादी टेरर फंडिंग मामले में 3.87 करोड़ रुपये की 11 अचल संपत्तियां कुर्क कीं।
कार्रवाई संतोष कंस्ट्रक्शन और उसके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत हुई।
जांच में 7.16 करोड़ रुपये की अवैध कमाई और लेवी से जुटाई गई रकम का खुलासा।
एनआईए पहले ही छापेमारी में 2.69 करोड़ रुपये नकद बरामद कर चुकी है।
लातेहार के चंदवा और कामता मौजा में खरीदी गई संपत्तियों को पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से जब्त किया गया।
ED Action in Jharkhand:7.16 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का खुलासा
ईडी की जांच में सामने आया कि उग्रवादी गतिविधियों और लेवी वसूली के जरिए कुल 7.16 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई थी। इसमें से 2.69 करोड़ रुपये नकद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पहले की छापेमारी के दौरान बरामद किए थे। वहीं शेष 4.46 करोड़ रुपये को वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 के दौरान संतोष कंस्ट्रक्शन फर्म में पूंजी निवेश के रूप में खपाया गया।
ED Action in Jharkhand:लातेहार में खरीदी गई संपत्तियां कुर्क
जांच एजेंसी के अनुसार कम कीमत दर्शाकर सेल डीड तैयार की गई और नकद भुगतान के जरिए लातेहार जिले के चंदवा और कामता मौजा में 11 अचल संपत्तियां खरीदी गई थीं। ईडी ने इन संपत्तियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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