ईडी ने झारखंड में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के भाई अंकित राज की 13.24 एकड़ जमीन और मकान जब्त किया। अवैध बालू कारोबार से अर्जित 3.02 करोड़ रुपये से संपत्ति खरीदी गई थी।
ED Action in Jharkhand रांची: ईडी ने झारखंड में अवैध बालू कारोबार से जुड़े एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के भाई अंकित राज की 13.24 एकड़ जमीन और एक मकान जब्त कर लिया है। जांच में सामने आया कि अंकित ने बालू की अवैध कमाई से इस जमीन और मकान की खरीद की थी। ईडी की जांच रिपोर्ट के अनुसार, अंकित राज ने हजारीबाग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि और आवासीय उपयोग के लिए कुल 13.24 एकड़ जमीन खरीदी थी। जमीन खरीदने में लगभग 2.85 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। वर्ष 2021 में उसने आठ डिसमिल जमीन 75 लाख रुपये में खरीदी थी और इसी पर 26 लाख रुपये की लागत से मकान भी बनवाया गया था।
Key Highlights
ईडी की जांच में खुलासा, अंबा प्रसाद के भाई अंकित राज ने अवैध बालू कारोबार से संपत्ति खरीदी।
हजारीबाग में 13.24 एकड़ जमीन और एक मकान जब्त।
जमीन खरीदने में 2.85 करोड़ रुपये का हुआ इस्तेमाल।
2021 में 75 लाख में आठ डिसमिल जमीन खरीदी और 26 लाख से मकान बनाया।
ईडी ने अंकित राज समेत छह अन्य के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया।
सिंडिकेट पर राजनीतिक दबदबा और धमकी का इस्तेमाल करने का आरोप।
ED Action in Jharkhand : ईडी का कहना है कि अंकित राज और उसके सहयोगियों ने बालू कारोबार से अवैध रूप से अर्जित 3.02 करोड़ रुपये को मनी लाउंड्रिंग कर संपत्ति खरीदने में लगाया। जांच में यह भी सामने आया कि इस अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण और धमकी के जरिए चलाया जा रहा था। ईडी ने इस मामले में अंकित राज के अलावा छह अन्य लोगों के खिलाफ भी न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया है। इनमें मनोज अग्रवाल, पंचम कुमार, संजीव, मनोज दांगी, अनिल कुमार और बिंदेश्वर दांगी शामिल हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क बालू कारोबार से करोड़ों की अवैध कमाई करता था और उसका इस्तेमाल संपत्ति खरीदने में किया जाता था।
ED Action in Jharkhand: ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि अंकित राज इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड था। अवैध कारोबार के लिए न केवल राजनीतिक प्रभुत्व का इस्तेमाल किया जाता था, बल्कि विरोध करने वालों को धमकाया भी जाता था। झारखंड में अवैध बालू कारोबार लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा रहा है। ईडी की इस कार्रवाई को राज्य में चल रहे अवैध कारोबार और उससे जुड़ी सियासी ताकतों पर कड़ी चोट माना जा रहा है।
Highlights







