बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खरीफ सीजन 2026 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय पर बीज, उर्वरक और कृषि सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
Kharif Season 2026 पटना: बिहार में शारदीय (खरीफ) मौसम 2026 के तहत कृषि कार्यों में तेजी लाने के लिए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में धान रोपनी, धान नर्सरी और अन्य खरीफ फसलों की प्रगति का आकलन किया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कृषि लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और किसानों तक हर प्रकार की कृषि सहायता समय पर पहुंचे।
Kharif Season 2026: मानसून का लाभ उठाकर तेज होगी धान रोपनी
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में मानसून की अनुकूल स्थिति का पूरा लाभ किसानों को मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि धान नर्सरी का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब धान रोपनी तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही खरीफ मक्का की बुआई में भी संतोषजनक प्रगति दर्ज की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कृषि कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाए।
Kharif Season 2026: बीज, उर्वरक और कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल लक्ष्य हासिल करना नहीं, बल्कि प्रत्येक किसान तक गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को नियमित क्षेत्रीय भ्रमण करने, बुआई और रोपनी की निगरानी करने तथा किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
Key Highlights:
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खरीफ मौसम 2026 की प्रगति की समीक्षा की।
धान नर्सरी का कार्य लगभग पूरा, धान रोपनी में तेजी आने की जानकारी।
किसानों तक समय पर बीज, उर्वरक और कृषि आदान पहुंचाने के निर्देश।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक फसल अपनाने के लिए तकनीकी सलाह देने का आदेश।
धीमी प्रगति वाले जिलों में विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य पूरा करने पर जोर।
Kharif Season 2026: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष रणनीति
समीक्षा बैठक में संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को वैकल्पिक फसल और फसल प्रणाली अपनाने के लिए तत्काल तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा का असर किसानों की आय और उत्पादन पर कम से कम पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन जिलों में बुआई और रोपनी की गति अपेक्षाकृत धीमी है, वहां विशेष अभियान चलाकर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता और सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने किसानों से कृषि विभाग की वैज्ञानिक सलाह का पालन करने और किसी भी तकनीकी सहायता के लिए प्रखंड कृषि पदाधिकारी या निकटतम कृषि कार्यालय से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि विभाग और किसानों के संयुक्त प्रयास से खरीफ मौसम 2026 के सभी लक्ष्य समय पर पूरे होंगे और बिहार कृषि उत्पादन के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
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