झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर चतरा में करोड़ों की जमीन हेराफेरी मामले में सीओ, सीआई समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जाली दस्तावेज और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ का आरोप।
Jharkhand High Court Order रांची: झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर चतरा जिले में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन की कथित हेराफेरी के मामले में सदर थाना में अंचल अधिकारी (सीओ), अंचल निरीक्षक (सीआई), राजस्व कर्मचारी समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि जाली दस्तावेज तैयार कर और सरकारी रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ कर जमीन का अवैध म्यूटेशन कराया गया।
Jharkhand High Court Order: हाईकोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई एफआईआर
नगवां मोहल्ला निवासी फियाज अहमद ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। एफआईआर में चतरा के सीओ अनिल कुमार, सीआई वीरेंद्र कुमार, राजस्व कर्मचारी सीमा कुमारी सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर संदीप कुमार, नयकी तालाब निवासी हीरा कुमार, लिपदा निवासी मनोज कुमार, हजारीबाग के पेलावल निवासी साबरा खातून, रांची के आजाद कॉलोनी निवासी सलमा खातून तथा चतरा निवासी मुकेश कुमार और उदय कुमार को नामजद बनाया गया है।
Key Highlights:
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सदर थाना में एफआईआर दर्ज।
सीओ, सीआई, राजस्व कर्मचारी समेत 10 लोगों पर गंभीर आरोप।
करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए जाली केवाला और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ का आरोप।
पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने का आरोप।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Jharkhand High Court Order: जाली दस्तावेज बनाकर जमीन हड़पने का आरोप
एफआईआर के अनुसार नगवां मोहल्ला स्थित खाता संख्या 136 के प्लॉट संख्या 824 और 825 की कुल 26 डिसमिल जमीन की जमाबंदी मो. कलीमुल्लाह के नाम दर्ज है। शिकायतकर्ता फियाज अहमद का दावा है कि उन्होंने यह जमीन मो. कलीमुल्लाह के पुत्र मो. एकराम से खरीदी थी और जमीन पर चाहरदीवारी भी कराई हुई है।
आरोप है कि नामजद लोगों ने आपसी साजिश के तहत करोड़ों रुपये मूल्य की इस जमीन पर कब्जा करने की नीयत से जाली केवाला तैयार कराया और अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ की। शिकायत के मुताबिक हीरा कुमार ने सलमा खातून से पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और बाद में उक्त जमीन मुकेश कुमार तथा उदय कुमार के नाम बेच दी गई। इसके बाद अंचल कार्यालय की कथित मिलीभगत से जमीन का म्यूटेशन भी करा लिया गया।
Jharkhand High Court Order: पहले नहीं हुई कार्रवाई, अब पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायतकर्ता का आरोप है कि नामजद लोग चाहरदीवारी तोड़कर जमीन पर कब्जा करने की धमकी भी दे रहे हैं। उन्होंने 23 फरवरी को सदर थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के 10 जुलाई के आदेश के बाद सदर थाना में एफआईआर दर्ज की गई। थाना प्रभारी अनिल उरांव ने बताया कि मामला दर्ज कर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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