Lohardaga Vishva Adivasi Diwas 2026: विश्व आदिवासी दिवस पर लोहरदगा में दिखी संस्कृति की झलक, रविंद्र नाथ महतो ने कही ये बात

Lohardaga Vishva Adivasi Diwas 2026: विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर लोहरदगा के स्थानीय नगर भवन में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय की संस्कृति, परंपराओं और पहचान की एक जीवंत झलक देखने को मिली। इसका आयोजन और समन्वय कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष सुखेर भगत के नेतृत्व में किया गया। झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक तरीके से ढोल और नगाड़ा बजाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित करके की गई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत गुलदस्ते और पारंपरिक शॉल भेंटकर किया गया। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने अन्य अतिथियों के साथ मिलकर पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाकर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। नगर भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय की लोक संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों को इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न पहलुओं को करीब से जानने का मौका मिला।

आदिवासी पहचान और अधिकारों पर विधानसभा अध्यक्ष का संबोधन

अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने विश्व आदिवासी दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दिन आदिवासी समुदाय की पहचान, अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं के सम्मान में दुनिया भर में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सदियों से आदिवासी समुदाय अपनी संस्कृति और सभ्यता को बचाते हुए जल, जंगल और ज़मीन की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहा है। प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर रहना आदिवासी समुदाय की एक खास पहचान रही है।

आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत को संजोने का संदेश

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि समुदाय के लोगों को अपने पूर्वजों से यह पूछना चाहिए कि उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए क्या विरासत छोड़ी है। इसी तरह, मौजूदा पीढ़ी को भी इस बात पर विचार करना चाहिए कि वे अपने बाद आने वालों के लिए किस तरह की विरासत छोड़कर जाएंगे। उन्होंने आदिवासी समुदाय की संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उनके अनुसार, परंपराओं को बनाए रखते हुए और उनका संरक्षण करते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़ना ज़रूरी है।

युवाओं से अपनी संस्कृति पर गर्व करने की अपील

रवींद्र नाथ महतो ने आदिवासी समुदाय के युवाओं से अपनी पहचान और संस्कृति पर गर्व करने का आग्रह किया। उन्होंने उन्हें अपनी परंपराओं को संजोते हुए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने युवाओं से लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने और राष्ट्र-निर्माण व समाज की बेहतरी में योगदान देने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान, आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

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कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए

इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए, जिनमें कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मोहन दुबे, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव शशिभूषण राय, धनबाद जिला अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, बोकारो जिला अध्यक्ष जोहर महतो, बीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य लोहरा उरांव, अतिरिक्त कलेक्टर जितेंद्र मुंडा, किस्को एसडीपीओ दिवाकर प्रसाद और कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुखेर भगत शामिल थे। इसके अलावा, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिनमें प्रदीप विश्वकर्मा, कांग्रेस मीडिया प्रभारी प्रकाश उरांव, संतोष महतो, नेसार अहमद, पवन गौतम, शाहिद अहमद बेलू, संतोष उरांव और डीएसडब्ल्यूओ (DSWO) अलोका कुमारी चौधरी शामिल थे। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और पहचान के संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही, युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए विकास और राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया।

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