Jamshedpur Water Rescue Training, जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे सिविल डिफेंस के तत्वावधान में गुरुवार को डिमना लेक में इमरजेंसी रेस्क्यू मेथड ऑफ वाटर का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य जल हादसों और आपात स्थितियों के दौरान रेलकर्मियों को त्वरित एवं प्रभावी बचाव कार्य की तकनीक से परिचित कराना था। प्रशिक्षण में टाटा स्टील के स्कूबा ड्राइवर मजरुल बारी ट्रेनर के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में टाटानगर के करीब 30 रेलकर्मियों ने हिस्सा लिया।
जल हादसे में बचाव के आधुनिक तरीके बताए
प्रशिक्षण के दौरान रेलकर्मियों को पानी में डूब रहे लोगों को बचाने के आधुनिक और आपातकालीन तरीकों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि जल आपदा के दौरान शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और सही तकनीक के साथ त्वरित निर्णय लेना जरूरी है। प्रशिक्षण का फोकस ऐसे तरीकों पर रहा, जिनका इस्तेमाल आपात स्थिति में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर किया जा सकता है।
लाइफ जैकेट और सुरक्षा रस्सी का कराया अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान रेलकर्मियों को लाइफ जैकेट और सुरक्षा रस्सियों के सही और त्वरित इस्तेमाल की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्हें पानी में व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। साथ ही, यदि आपात स्थिति में जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध न हों, तो खाली प्लास्टिक की बोतल, कैन और अन्य स्थानीय वस्तुओं से अस्थायी तैरने वाले उपकरण तैयार करने की तकनीक भी समझाई गई।
प्राथमिक उपचार और पानी निकालने का लाइव डेमो
प्रशिक्षण शिविर में पानी से किसी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षकों ने पीड़ित को प्राथमिक सहायता देने और पेट से पानी निकालने के तरीकों का लाइव डेमोस्ट्रेशन किया। रेल कर्मचारियों को अलग-अलग परिस्थितियों में सावधानी बरतने और उपलब्ध संसाधनों का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने के बारे में भी बताया गया।
आपदा के समय त्वरित निर्णय पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि जल हादसों के समय शुरुआती कुछ मिनट जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में सही तकनीक, सुरक्षा उपकरणों का उचित इस्तेमाल और त्वरित निर्णय बचाव कार्य को प्रभावी बना सकता है। डिमना लेक में आयोजित इस प्रशिक्षण के जरिए रेलकर्मियों को जल आपदा की स्थिति में बचाव कार्य के लिए व्यावहारिक जानकारी और जरूरी कौशल उपलब्ध कराया गया।
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