Bihar Flood Relief: बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान देने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने 3 लाख रुपये की सहयोग राशि दी है। वहीं, जदयू और भाजपा के कुछ विधायकों तथा एक पूर्व विधायक ने भी अपने एक माह के वेतन या पेंशन की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में देने के लिए चेक सौंपा। 26 सितंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ कक्ष में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ये चेक सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए किए गए इस सहयोग के लिए आभार जताया।
RLM ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 3 लाख रुपये
राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 3 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा गया। इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, विधायक स्नेहलता कुशवाहा और विधायक माधव आनंद मौजूद रहे। यह सहयोग बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए किया गया है। राहत कोष के माध्यम से आपदा के दौरान जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए राशि का इस्तेमाल किया जाता है।
BJP और JDU के नेताओं ने दिया एक माह का वेतन
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सहयोग के अलावा जदयू और भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना अंशदान दिया। जदयू विधायक रामसेवक सिंह, भाजपा विधायक जीवेश कुमार और भाजपा विधान पार्षद जनक राम ने अपने-अपने एक माह के वेतन का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा। वहीं, पूर्व विधायक ललित यादव ने भी अपने एक माह की पेंशन का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दिया। इस तरह जनप्रतिनिधियों की ओर से दिया गया यह अंशदान बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत एवं सहायता कार्यों में उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सहयोग के लिए जताया आभार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष में दी गई यह राशि राज्य में आपदा और कठिन परिस्थितियों के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद में काम आएगी। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में सहभागिता के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों की भागीदारी से आपदा के समय राहत और सहायता के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है। बिहार में सितंबर के दौरान बाढ़ को लेकर राज्य सरकार की ओर से लगातार राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की गई है। मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर राहत कार्य चलाए गए हैं।
राहत कोष में लगातार पहुंच रहा सहयोग
बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री राहत कोष में अलग-अलग संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों की ओर से सहयोग दिया जा रहा है। इससे पहले भी राहत कोष में अंशदान से जुड़े कई कार्यक्रम मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी किए गए हैं। 24 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक माह के वेतन का चेक सौंपा था। ऐसे अंशदान का उद्देश्य बाढ़ और अन्य आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए उपलब्ध संसाधनों को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने सहयोग करने वालों का आभार जताते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए सामूहिक सहभागिता महत्वपूर्ण है।
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