JMM Meeting 2026, रांची: लोकसभा से पारित खान-खनिज विधेयक के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने विरोध की रणनीति तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी ने 20 अगस्त 2026 को रांची में केंद्रीय कार्यसमिति की अहम बैठक बुलायी है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री और झामुमो अध्यक्ष हेमंत सोरेन करेंगे। बैठक में विधेयक से पैदा हुई राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा के साथ इसके खिलाफ आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जा सकती है। पार्टी की ओर से आर्थिक नाकेबंदी जैसे कदम पर भी विचार किये जाने की संभावना जतायी गयी है।
सांसद-विधायक समेत संगठन के पदाधिकारी होंगे शामिल
झामुमो की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक राजधानी के हरमू स्थित सोहराय भवन में होगी। पार्टी महासचिव विनोद कुमार पांडेय के अनुसार बैठक में जिला अध्यक्ष, जिला सचिव, महानगर अध्यक्ष और महानगर सचिव शामिल होंगे। इसके अलावा झामुमो के सांसद और विधायक भी बैठक में मौजूद रहेंगे। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा पारित विधेयक से उत्पन्न राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की जायेगी।
आंदोलन की रणनीति पर होगा मंथन
बैठक का प्रमुख एजेंडा खान-खनिज विधेयक के खिलाफ पार्टी की रणनीति तय करना होगा। पार्टी इस मुद्दे को लेकर किस तरह का आंदोलन करेगी और उसे किस स्तर तक ले जाया जाएगा, इस पर केंद्रीय कार्यसमिति में विचार किया जाएगा। झामुमो की ओर से आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा की संभावना भी जतायी गयी है। हालांकि, अंतिम निर्णय केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
संगठन के पुनर्गठन की भी होगी समीक्षा
केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में सिर्फ राजनीतिक मुद्दों पर ही चर्चा नहीं होगी, बल्कि पार्टी के सांगठनिक कामकाज की भी समीक्षा की जायेगी। पार्टी अध्यक्ष संगठन से जुड़ी रिपोर्ट लेंगे। इसके अलावा बूथ से लेकर जिला स्तर तक संगठन के पुनर्गठन की अद्यतन स्थिति पर भी चर्चा होगी। इससे आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए संगठन को और मजबूत करने पर भी मंथन किया जाएगा।
विधेयक के खिलाफ हर स्तर पर विरोध का दावा
झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि पार्टी ऐसे कानून का हर स्तर पर विरोध करेगी। उनके अनुसार, पार्टी झारखंड के हितों के खिलाफ किसी भी कदम को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने दावा किया कि झारखंड के विकास को बाधित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार यह विधेयक लेकर आयी है और इसे लेकर राज्य में आक्रोश है। हालांकि, ये झामुमो की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर केंद्र सरकार का पक्ष इस जानकारी में शामिल नहीं है।
Highlights



















