Jharkhand High Court: बिना अनुमति दूसरी शादी करने वाले कर्मचारी की पत्नी को Compassionate Job नहीं

 झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि पहली पत्नी के रहते बिना सरकारी अनुमति दूसरी शादी करने वाले कर्मचारी की दूसरी पत्नी अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती।


Jharkhand High Court रांची. झारखंड हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी यदि पहली पत्नी के जीवित रहते बिना पूर्व सरकारी अनुमति दूसरी शादी करता है, तो सेवा काल में उसकी मृत्यु के बाद दूसरी पत्नी अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती। यह स्थिति तब भी लागू होगी, जब संबंधित समुदाय के प्रथागत कानून में दूसरी शादी की अनुमति हो।

चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने अपील याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने पंचायत सेवक की कथित दूसरी पत्नी की अपील खारिज करते हुए एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा।

Jharkhand High Court: पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी के लिए अनुमति जरूरी

खंडपीठ ने कहा कि सरकारी कर्मचारी पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी नहीं कर सकता, जब तक कि सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त न कर ली गयी हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि सेवा नियम सरकारी कर्मचारियों पर लागू होते हैं और उनका पालन करना अनिवार्य है।

मामले में कर्मचारी ने दूसरी शादी करने से पहले झारखंड सरकारी सेवक आचरण नियम के नियम 23(2) के तहत सक्षम अधिकारी से आवश्यक अनुमति नहीं ली थी। इसलिए अदालत ने दूसरी पत्नी के अनुकंपा नियुक्ति के दावे को स्वीकार नहीं किया।


Key Highlights

  1. बिना सरकारी अनुमति दूसरी शादी करने वाले कर्मचारी की दूसरी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिलेगी।
  2. पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी के लिए सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति जरूरी है।
  3. संथाली प्रथागत कानून में दूसरी शादी की अनुमति होने का तर्क सेवा नियमों को प्रभावित नहीं करेगा।
  4. दूसरी पत्नी के नाबालिग बेटे के अधिकार को उसके व्यक्तिगत दावे से अलग माना गया।
  5. हाईकोर्ट ने दूसरी पत्नी की अपील खारिज कर एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा।

Jharkhand High Court: संथाली प्रथा का तर्क सेवा नियमों पर भारी नहीं

दूसरी पत्नी की ओर से संथाली जनजाति की परंपराओं का हवाला दिया गया था। दलील थी कि समुदाय की प्रथागत व्यवस्था में दूसरी शादी की अनुमति है। हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रथागत कानून में दूसरी शादी की अनुमति होने के बावजूद सरकारी कर्मचारी सेवा आचरण नियमों से मुक्त नहीं हो जाता।

अदालत ने कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए कर्मचारी को संबंधित सेवा नियमों का पालन करना होगा। सक्षम अधिकारी से पूर्व लिखित अनुमति लिये बिना की गयी दूसरी शादी के आधार पर दूसरी पत्नी सरकारी सेवा से जुड़े अनुकंपा लाभ का अधिकार नहीं मांग सकती।

Jharkhand High Court: नाबालिग बेटे के अधिकार को दूसरी पत्नी के दावे से अलग माना

खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरी पत्नी के नाबालिग बेटे को कुछ लाभ पहले ही दिये जा चुके हैं। लेकिन बच्चे को मिले इन लाभों से दूसरी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार हासिल नहीं हो जाता।

अदालत ने बच्चे के वैधानिक अधिकार और दूसरी पत्नी के व्यक्तिगत सेवा लाभ के दावे को अलग-अलग माना। इस आधार पर खंडपीठ ने दूसरी पत्नी की अपील याचिका खारिज कर दी और एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा।

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