झारखंड में 1 अक्टूबर से राशन कार्ड और लाभुकों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी। ई केवाईसी नहीं कराने पर अपात्र नाम हटाए जा सकते हैं।
Jharkhand Ration Card रांची: झारखंड के राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर है। खाद्य विभाग की ओर से राशन कार्ड और लाभुकों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत 1 अक्टूबर से बड़ी संख्या में राशन कार्ड और लाभुकों के नाम निष्क्रिय किए जाने की प्रक्रिया होगी। विभाग का उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था से डुप्लीकेट और लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले लाभुकों को हटाना है।
Jharkhand Ration Card:छह महीने से राशन नहीं लेने वाले कार्ड होंगे चिन्हित
सत्यापन प्रक्रिया में ऐसे राशन कार्डों की भी पहचान की जा रही है, जिन पर पिछले छह महीने से राशन का उठाव नहीं हुआ है। विभाग के अनुसार करीब 17,751 कार्ड ऐसे हैं, जिन्हें साइलेंट कार्ड की श्रेणी में रखा गया है।
इसके अलावा केंद्रीय रिपॉजिटरी से किए गए मिलान में करीब 1,10,142 डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान की गई है। ऐसे नामों का सत्यापन किया जाएगा, ताकि पात्र लाभुकों को राशन का लाभ मिलता रहे और एक ही व्यक्ति के नाम पर दोहरी प्रविष्टि को हटाया जा सके।
Jharkhand Ration Card:ई केवाईसी और सत्यापन के लिए मिलेगा तीन महीने का समय
जिन लाभुकों के नाम सत्यापन के दायरे में आएंगे, उन्हें ई केवाईसी और जरूरी सत्यापन कराने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा। यह प्रक्रिया संबंधित पीडीएस डीलर या प्रखंड कार्यालय के माध्यम से पूरी की जा सकेगी।
लाभुक के पात्र पाए जाने पर राशन कार्ड या संबंधित नाम को दोबारा सक्रिय किया जा सकता है। वहीं, निर्धारित अवधि में सत्यापन नहीं कराने या पात्रता पूरी नहीं करने वाले लाभुकों का नाम राशन कार्ड से हटाया जा सकता है।
Key Highlights:
- झारखंड में 1 अक्टूबर से राशन कार्डों का सत्यापन शुरू होगा।
- करीब 28.87 लाख राशन कार्ड और लाभुकों के नाम प्रक्रिया के दायरे में बताए गए हैं।
- छह महीने से राशन नहीं लेने वाले 17,751 साइलेंट कार्ड चिन्हित किए गए हैं।
- केंद्रीय रिपॉजिटरी के मिलान में 1,10,142 डुप्लीकेट लाभुक मिले हैं।
- ई केवाईसी और सत्यापन के लिए लाभुकों को तीन महीने का समय मिलेगा।
Jharkhand Ration Card:किन लोगों का नाम हट सकता है
सत्यापन के दौरान ऐसे लाभुकों के नाम हटाए जा सकते हैं जो राशन कार्ड की पात्रता पूरी नहीं करते हैं, डुप्लीकेट पाए जाते हैं या निर्धारित समय में जरूरी सत्यापन नहीं कराते हैं।
वहीं, पात्र लाभुकों को घबराने की जरूरत नहीं है। यदि सत्यापन के दौरान उनका रिकॉर्ड सही पाया जाता है तो उनका राशन कार्ड या लाभुक का नाम सक्रिय रखा जा सकता है। इसलिए संबंधित लाभुकों को निर्धारित समय के भीतर ई केवाईसी और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।



















