Bihar Innovation Challenge, पटना: बिहार की विकास यात्रा में सेवा, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार युवाओं की ऊर्जा और तकनीकी क्षमता को उद्योग एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना स्थित तारामंडल में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ‘नेशनल इनोवेशन चैलेंज’ पोर्टल का लोकार्पण किया। इसके अलावा उन्होंने ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी कार रैली’ के तहत 25 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और इनोवेशन प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने युवा उद्यमियों से बातचीत कर उनके उत्पादों और स्टार्टअप से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ली।
सेवा और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सेवा के साथ वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवाचार और विकास संबंधी दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रेरणा लेकर राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘Seva First Innovation Challenge (East Zone)’ जैसे कार्यक्रम युवाओं में सेवा भावना, नई सोच और नवाचार को प्रोत्साहित कर रहे हैं। तकनीक के माध्यम से आम लोगों का जीवन आसान और सुविधाजनक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की युवा शक्ति और बड़ी आबादी को चुनौती के बजाय विकास की ताकत बनाना होगा। सेवा, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को एक साथ जोड़कर राज्य को विकास की नई दिशा दी जा सकती है।

पांच वर्षों में 10 हजार उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अब औद्योगिक माहौल तैयार हो चुका है। राज्य में अब तक करीब 1,000 उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बिहार की धरती पर 10 हजार उद्योग स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि बिहार के करीब 12 लाख लोग रोजगार और मजदूरी के लिए राज्य से बाहर जाते हैं। सरकार का उद्देश्य ऐसे अवसर तैयार करना है, जिससे बिहार के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने युवा उद्यमियों से नए स्टार्टअप शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा अपने नए विचारों और उद्यमशीलता के माध्यम से बिहार की दिशा बदल सकते हैं। सरकार उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी। आईटी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘Bihar Tech Portal for Innovation in IT Sector’ के माध्यम से भी काम किया जा रहा है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों को DBT से सहायता का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने आपदा राहत कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित 9 लाख परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी DBT के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सुविधा के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में यूपीआई की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में यूपीआई का उपयोग बड़े स्तर पर हो रहा है और इसने डिजिटल लेन-देन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।

ऑनलाइन शिक्षा और 24 घंटे ट्यूटर की सुविधा
शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार की पहलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल स्थापित किए गए हैं। ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के माध्यम से लाइव क्लास और NEET तथा JEE की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों और युवाओं के लिए 24 घंटे ऑनलाइन ट्यूटर एवं मेंटरशिप की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, रात एक बजे भी करीब 1 लाख 42 हजार बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं और उस समय शिक्षक उनकी सहायता के लिए उपलब्ध रहते हैं। इस व्यवस्था के लिए 75 हजार शिक्षकों का नामांकन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का ऑनलाइन समाधान होना और उनका संतुष्ट रहना सरकार की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने हाल में हुई 2,500 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें कई ऐसे लोग हैं, जो देश के दूसरे हिस्सों में अध्यापन कर रहे थे और अब बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा देंगे।
महिला सशक्तिकरण और रोजगार पर भी जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला सशक्तिकरण को विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि समृद्ध बिहार के निर्माण में महिलाओं की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने के लिए युवा ऊर्जा, तकनीकी क्षमता और उद्यमशीलता को एक साथ आगे बढ़ाना जरूरी है। सरकार ऐसा बिहार बनाने की दिशा में काम कर रही है, जहां सेवा के साथ नवाचार, रोजगार और उद्योग के नए अवसर लगातार उपलब्ध हों। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, सांसद संजय जायसवाल, विधायक सह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज की प्रदेश संयोजक डॉ. अमृता भूषण राठौर सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य लोग और युवा उद्यमी मौजूद रहे।

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