बिहार में खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत 591 से अधिक नमूने लिए गए। एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ, खराब पनीर, मिठाइयां और तेल जब्त कर नष्ट किए गए।
FSSAI Bihar पटना: बिहार में आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। 18 सितंबर 2026 तक राज्य के विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड, मिलावटी और संदूषित खाद्य सामग्री मिलने पर कार्रवाई की गई। कई जगह असुरक्षित खाद्य पदार्थ मौके पर ही नष्ट कराए गए, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की गई है।
FSSAI Bihar:591 से अधिक खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए
स्वास्थ्य सचिव सह खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा टीमों ने विभिन्न जिलों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों की जांच की। विशेष अभियान के तहत अब तक 591 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित किए गए हैं।
इनमें दूध और दुग्ध उत्पाद, मिठाई, अनाज, दाल, मसाले, सॉस, पेय पदार्थ, खाद्य तेल, स्ट्रीट फूड और बेकरी उत्पादों के नमूने शामिल हैं। नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए संबंधित प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है।
Key Highlights
- बिहार में खाद्य सुरक्षा को लेकर राज्यव्यापी औचक निरीक्षण अभियान जारी।
- अब तक 591 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित किए गए।
- भागलपुर के सुल्तानगंज में करीब 72 किलो खराब पनीर जब्त कर नष्ट कराया गया।
- वैशाली और पश्चिमी चंपारण में 105 किलो संदिग्ध पनीर समेत अन्य मिठाइयां नष्ट कराई गईं।
- खाद्य कारोबारियों को FSSAI लाइसेंस, स्वच्छता और FIFO तथा FEFO नियमों का पालन करने का निर्देश।
FSSAI Bihar:कई जिलों में खराब खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट
खाद्य सुरक्षा टीमों ने समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जमुई में लिए गए नमूनों को जांच के लिए संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, अगमकुआं भेजा गया। प्रतिष्ठानों को FIFO यानी पहले आया सामान पहले इस्तेमाल करने के नियम का पालन करने को कहा गया।
बांका, कटिहार और भागलपुर के सुल्तानगंज क्षेत्र में होटल और भोजनालयों की जांच की गई। यहां कर्मचारियों को एप्रन और हेयर नेट पहनने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने तथा परिसर की सफाई रखने के निर्देश दिए गए। सुल्तानगंज में करीब 72 किलोग्राम खराब पनीर जब्त कर नष्ट कराया गया।
वैशाली और पश्चिमी चंपारण में करीब 105 किलोग्राम संदिग्ध पनीर, 18 किलोग्राम छेना, 12 किलोग्राम पेड़ा और 27 किलोग्राम एक्सपायरी सोनपापड़ी जब्त कर जनहित में नष्ट कराई गई।
गयाजी में बार-बार इस्तेमाल किए जा रहे खराब खाद्य तेल को नष्ट कराया गया। साथ ही शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों तथा खाद्य और अखाद्य वस्तुओं को अलग-अलग रखने का निर्देश दिया गया।
मुंगेर, पूर्णिया और मधेपुरा में कार्बोनेटेड वाटर, एक्सपायरी उत्पाद, रंग लगी जलेबी और बुनिया समेत अन्य खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। वहीं बक्सर और भोजपुर में खराब पिज्जा, बेकरी उत्पाद और पापड़ को नष्ट किया गया।
FSSAI Bihar:होटल और दुकानदारों को FSSAI नियमों का पालन करने का निर्देश
मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर में दूध, पनीर, खाद्य तेल, मसाले और मिठाइयों समेत 66 खाद्य नमूने लिए गए। छपरा और पूर्वी चंपारण में पुराने तथा रात में बचे खाद्य तेल को नष्ट कराया गया और बर्तनों की स्वच्छता के साथ टैप वाटर की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सिवान और गोपालगंज में पके और कच्चे खाद्य पदार्थों को अलग रखने तथा मसालों की खुले में बिक्री नहीं करने को कहा गया। रोहतास, कैमूर, जहानाबाद और औरंगाबाद में भी खाद्य नमूने संग्रहित किए गए।
बक्सर और भोजपुर में संबंधित प्रतिष्ठानों को एक सप्ताह के भीतर वैध लाइसेंस या पंजीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी FBOs यानी Food Business Operators को प्रतिष्ठानों पर FSSAI का वैध लाइसेंस या पंजीकरण प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा है। खाद्य पदार्थों के भंडारण में FIFO और FEFO नियमों का पालन करने तथा कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग के अनुसार खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर सुधार नोटिस, खाद्य सामग्री की जब्ती, उसे नष्ट करने और विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण, नमूना संग्रहण और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।



















