Bihar CM Relief Fund, पटना: बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक-एक माह के वेतन का योगदान दिया है। दोनों नेताओं ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को वेतन की राशि से संबंधित चेक सौंपा। यह कार्यक्रम पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ में आयोजित हुआ। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए अपने एक-एक माह के वेतन का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा।
‘संकल्प’ में मुख्यमंत्री को सौंपा गया चेक
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चेक सौंपने के दौरान दोनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। यह योगदान जरूरतमंद लोगों की सहायता और राहत कार्यों को समर्थन देने के उद्देश्य से किया गया है। मुख्यमंत्री राहत कोष का उपयोग विभिन्न परिस्थितियों में प्रभावित और जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और सक्षम लोगों का योगदान राहत कार्यों को आगे बढ़ाने में उपयोगी माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने राहत कोष की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष जरूरतमंद लोगों की सहायता का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस कोष के जरिए जरूरतमंदों तक राहत और सहायता पहुंचाने के कार्यों को मजबूती मिलती है। मुख्यमंत्री ने समाज के सक्षम लोगों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सक्षम वर्ग की सहभागिता से राहत एवं सहायता से जुड़े कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
सक्षम लोगों की भागीदारी से राहत कार्यों को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री के अनुसार, सामाजिक सहभागिता राहत कार्यों को व्यापक बनाने में अहम भूमिका निभाती है। सरकार के साथ समाज के सक्षम लोगों का सहयोग जुड़ने से जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सकता है। विजय कुमार चौधरी और कुमार शैलेन्द्र की ओर से एक-एक माह के वेतन का योगदान इसी सामाजिक भागीदारी की दिशा में उठाया गया कदम है। मुख्यमंत्री ने राहत कोष की उपयोगिता पर जोर देते हुए सहयोग की भावना को महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान का संदेश
मुख्यमंत्री राहत कोष में मंत्रियों के वेतन योगदान से जरूरतमंदों की सहायता के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश सामने आया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में समाज के सक्षम वर्ग की भागीदारी को प्रोत्साहित किया। राज्य में आपदा, संकट या अन्य जरूरतों के समय मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। ऐसे में इस तरह के योगदान से राहत एवं सहायता के कार्यों को समर्थन मिलता है।
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