झारखंड में माध्यमिक आचार्य नियुक्ति के लिए चयनित 102 अभ्यर्थियों की PG और BEd डिग्री की जांच होगी। दोनों निजी विश्वविद्यालयों से डिग्री लेने वाले अभ्यर्थी जांच के दायरे में हैं।
Jharkhand Teacher Recruitment रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में माध्यमिक आचार्य पद पर नियुक्ति के लिए चयनित 102 अभ्यर्थियों की शैक्षणिक डिग्री की जांच होगी। इन अभ्यर्थियों ने राज्य के दो निजी विश्वविद्यालयों से स्नातकोत्तर और बीएड की डिग्री हासिल की है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र भेजकर इन डिग्रियों की जांच कराने का अनुरोध किया है।
विभागीय रिकॉर्ड की प्रारंभिक जांच में कई अभ्यर्थियों के पीजी के प्राप्तांकों में काफी एकरूपता सामने आने की बात कही गई है। अलग-अलग विषयों में पीजी करने वाले कई अभ्यर्थियों के अंक भी सीमित दायरे में पाए गए हैं। विभाग ने इसी आधार पर डिग्रियों को प्रथम दृष्टया जांच के योग्य माना है।
Jharkhand Teacher Recruitment: 244 सफल अभ्यर्थियों ने निजी विश्वविद्यालयों से ली डिग्री
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने माध्यमिक आचार्य नियुक्ति के लिए कुल 877 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा की है। इनमें 244 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने निजी विश्वविद्यालयों से पीजी और बीएड की डिग्री हासिल की है।
इन 244 अभ्यर्थियों में 102 ने राज्य के दो निजी विश्वविद्यालयों से पीजी और बीएड की डिग्री प्राप्त की है। विभाग की प्रारंभिक जांच में इन अभ्यर्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड में कुछ ऐसे पैटर्न मिले हैं, जिनकी सत्यता की जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
निजी विश्वविद्यालयों से पीजी करने वाले अभ्यर्थियों में 93 के प्राप्तांक 65 से 70 प्रतिशत के बीच बताए गए हैं। खोरठा विषय में सफल नौ अभ्यर्थियों में छह के अंक 67 से 68 प्रतिशत के बीच हैं। राजनीति शास्त्र और गृह विज्ञान के अभ्यर्थियों के अंकों में भी इसी तरह की एकरूपता सामने आने की बात कही गई है।
Key Highlights
- माध्यमिक आचार्य पद के लिए चयनित 102 अभ्यर्थियों की डिग्री की जांच होगी।
- इन अभ्यर्थियों ने राज्य के दो निजी विश्वविद्यालयों से PG और BEd की डिग्री ली है।
- 244 सफल अभ्यर्थियों ने निजी विश्वविद्यालयों से PG और BEd किया है।
- 93 अभ्यर्थियों के PG अंक 65 से 70 प्रतिशत के बीच बताए गए हैं।
- विभाग ने अंक में एकरूपता को प्रथम दृष्टया जांच का आधार बनाया है।
Jharkhand Teacher Recruitment: स्नातक के कई साल बाद PG, अंकों की एकरूपता पर उठे सवाल
विभागीय रिकॉर्ड की जांच में कुछ अभ्यर्थियों के स्नातक और पीजी के बीच काफी लंबा अंतर भी सामने आया है। कई अभ्यर्थियों ने स्नातक में 47 से 54 प्रतिशत के बीच अंक हासिल किए थे। इसके करीब 15 से 18 वर्ष बाद वर्ष 2022 से 2024 के दौरान संबंधित विश्वविद्यालयों से पीजी की डिग्री हासिल की और उसमें 67 से 68 प्रतिशत तक अंक प्राप्त किए।
एक अभ्यर्थी ने वर्ष 2014 में स्नातक में 47.81 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, जबकि वर्ष 2022 से 2024 के दौरान पीजी में उसे 67.19 प्रतिशत अंक मिले।
सफल अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड के अनुसार 11 अभ्यर्थियों ने स्नातक के 10 वर्ष या उससे अधिक समय बाद पीजी किया। वहीं, 20 से अधिक अभ्यर्थियों के स्नातक और पीजी के बीच आठ से नौ वर्ष का अंतर बताया गया है।
Jharkhand Teacher Recruitment: नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान भी कई अभ्यर्थियों ने हासिल की डिग्री
माध्यमिक आचार्य नियुक्ति की प्रक्रिया वर्ष 2025 में शुरू हुई थी। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 24 सफल अभ्यर्थियों ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने वाले वर्ष में ही पीजी की डिग्री हासिल की।
इसके अलावा 17 अभ्यर्थियों ने नियुक्ति वर्ष में ही निजी विश्वविद्यालय से बीएड पास किया। विभाग ने इन सभी तथ्यों को भी जांच के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना है।
विषयवार रिकॉर्ड में भी अंक की एकरूपता का उल्लेख किया गया है। राजनीति शास्त्र में पीजी करने वाले 14 सफल अभ्यर्थियों में नौ के अंक 67 से 68 प्रतिशत के बीच बताए गए हैं। गृह विज्ञान में 13 सफल अभ्यर्थियों में सात के अंक 66 से 67 प्रतिशत के बीच हैं।
फिलहाल विभाग ने इन डिग्रियों को प्रथम दृष्टया संदेहास्पद मानते हुए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से जांच का अनुरोध किया है। जांच के बाद ही इन डिग्रियों की वैधता और अभ्यर्थियों की शैक्षणिक पात्रता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।



















