पटना में पुलिस ने 25 हजार अमेरिकी नागरिकों से करीब 5 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले चार MBA पास आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Patna Cyber Crime रांची: पटना में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। मुसल्लहपुर थाना पुलिस ने दानापुर के गोला रोड स्थित एक फ्लैट में छापेमारी कर चार साइबर फ्रॉड को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह ने करीब 25 हजार अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर लगभग 5 करोड़ रुपये की ठगी की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोजपुर निवासी ओमप्रकाश, सहरसा निवासी सत्यम, औरंगाबाद निवासी अभिषेक और पटना निवासी अक्षय कुमार के रूप में हुई है। चारों आरोपी MBA पास बताए जा रहे हैं।
पटना सिटी वन के एएसपी राजकिशोर के अनुसार पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने उनके पास से 1.09 लाख रुपये नकद, चार लैपटॉप, एक मोबाइल, सात एटीएम कार्ड, दो बाइक और नेट फाइबर बरामद किया है।
Patna Cyber Crime: अमेरिकी नागरिकों को टेक्निकल एक्सपर्ट बनकर लगाते थे चूना
पुलिस के अनुसार आरोपी अमेरिकी नागरिकों से ईमेल के जरिये संपर्क करते थे। इसके लिए सेशन इनिशिएशन प्रोटोकॉल और वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी खुद को टेक्निकल एक्सपर्ट बताते और पीड़ितों को उनके कंप्यूटर में तकनीकी खराबी होने का झांसा देते थे।
गिरोह के सदस्य अमेरिकी एक्सेंट में बात करते थे, ताकि पीड़ितों को उनके वास्तविक ठिकाने और पहचान पर शक न हो। पुलिस को आरोपियों के पास करीब 1.50 लाख अमेरिकी नागरिकों के जीमेल एड्रेस मिलने की जानकारी दी गई है।
Key Highlights
- पटना पुलिस ने चार साइबर फ्रॉड को गिरफ्तार किया है।
- पुलिस के अनुसार करीब 25 हजार अमेरिकी नागरिकों से 5 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
- गिरफ्तार चारों आरोपी MBA पास बताए जा रहे हैं।
- आरोपियों के पास 1.50 लाख अमेरिकी नागरिकों के जीमेल एड्रेस मिले।
- पुलिस ने नकदी, लैपटॉप, एटीएम कार्ड, मोबाइल और बाइक बरामद की है।
Patna Cyber Crime: मालवेयर डालकर कंप्यूटर को कर देते थे स्लो
पुलिस की पूछताछ में गिरोह के कथित ठगी के तरीके का भी खुलासा हुआ है। आरोपी पहले ईमेल के जरिये अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करते थे। इसके बाद खुद को तकनीकी विशेषज्ञ बताकर कंप्यूटर में समस्या होने की बात कहते थे।
आरोपी पीड़ितों के कंप्यूटर में हानिकारक एपीके और मालवेयर इंस्टॉल करवाते थे। इसके बाद सिस्टम की स्पीड बेहद धीमी हो जाती थी। कंप्यूटर को ठीक करने के नाम पर आरोपियों द्वारा डॉलर में मोटी रकम वसूलने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार ठगी की रकम को हवाला के माध्यम से भारतीय रुपये में बदलवाया जाता था।
Patna Cyber Crime: पहले दूसरे गिरोह में करते थे काम, छह महीने पहले बनाया अपना गिरोह
पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई कि गिरफ्तार आरोपी पहले मनेर के कथित सरगना मंटू कुमार के गिरोह में 30 से 40 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करते थे। करीब छह महीने पहले चारों ने अपना अलग गिरोह बना लिया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने के लिए अंग्रेजी भाषा और अमेरिकी एक्सेंट का इस्तेमाल करते थे। उनके पास बड़ी संख्या में संभावित पीड़ितों के ईमेल एड्रेस भी मौजूद थे।
Patna Cyber Crime: वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ा गया अक्षय
पुलिस के अनुसार गिरोह का सुराग रामपुर रोड में वाहन जांच के दौरान मिला। मुसल्लहपुर थाने के एएसआई ब्रजेश कुमार रामपुर रोड में गश्ती और वाहन जांच कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार अक्षय कुमार पुलिस को देखकर भागने लगा।
पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की और उसके मोबाइल की जांच की। मोबाइल से साइबर ठगी से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारी मिलने के बाद पुलिस को गिरोह के बारे में सुराग मिला।
इसके बाद दानापुर के गोला रोड स्थित फ्लैट में छापेमारी की गई। पुलिस के पहुंचने पर आरोपियों ने कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने के लिए लैपटॉप जमीन पर पटक दिए। हालांकि पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण समेत अन्य सामान बरामद किया।



















