Jamshedpur Marine Drive Accident: रात तक चारों घरों में बच्चों के भविष्य और पढ़ाई की बातें थीं, लेकिन सुबह एक हादसे की खबर ने सब कुछ बदल दिया। सोनारी मरीन ड्राइव में हुए भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। हादसे में जान गंवाने वाले चारों युवा पढ़ाई के साथ खेल में भी अपनी पहचान बना रहे थे। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक भारी ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार से चारों शवों को बाहर निकाला।
नाइट स्टे की बात कहकर घर से निकली थी वंशिका
आदित्यपुर इमली चौक निवासी पंकज खंडेलवाल की 17 वर्षीय बेटी वंशिका खंडेलवाल घर से यह बताकर निकली थी कि वह युविका के घर जा रही है। उसने माता-पिता को बताया था कि वहां रात में रुककर पढ़ाई करेगी। वंशिका पहले भी युविका के घर जाती थी, इसलिए परिवार ने उसे जाने से नहीं रोका। इसके बाद वंशिका कदमा स्थित दिवली इनक्लेव में युविका के घर पहुंची। युविका ने भी अपने पिता को बताया था कि वह वंशिका के साथ आदित्यपुर स्थित उसके घर जा रही है और रात में वहीं रुककर पढ़ाई करेगी। लेकिन देर रात दोनों समेत चारों युवा मरीन ड्राइव की ओर निकल गए। इसके बाद हुए सड़क हादसे ने चारों की जिंदगी खत्म कर दी।
सार्थक ने पिता की कार निकाली, नमन भी घर से निकला
सोनारी कॉन्ट्रैक्टर एरिया के एसडीएस रीजेंसी निवासी सार्थक अग्रवाल के घर पर उस समय माता-पिता मौजूद नहीं थे। घर में केवल दादी थीं। बताया गया कि सार्थक ने देर रात अपने पिता की स्विफ्ट कार निकाली और दोस्तों के साथ निकल गया। चारों इसके बाद नमन गुप्ता को लेने उसके सेवेध एक्सटेंशन रोड स्थित घर पहुंचे। नमन ने भी अपने माता-पिता से अपने कमरे में सोने की बात कही थी। इसके बाद वह दोस्तों के साथ घर से बाहर निकल गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि रात में दोस्तों के साथ निकला यह सफर चार परिवारों के लिए जिंदगी का सबसे दर्दनाक अध्याय बन जाएगा।
सुबह फोन आया और परिवारों में मच गया कोहराम
नमन गुप्ता के पिता राजीव गुप्ता के अनुसार, बुधवार देर रात करीब एक बजे नमन ने परिवार के लोगों से बातचीत की और फिर अपने कमरे में सोने चला गया था। इसके बाद सुबह करीब पांच बजे सोनारी थाना प्रभारी का फोन आया कि उनके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। वहीं, सार्थक अग्रवाल के माता-पिता को बेटे की मौत की जानकारी मिलने के बाद वे गुरुवार रात करीब सवा नौ बजे जमशेदपुर पहुंचे। बेटे की मौत से दोनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
पोस्टमार्टम के बाद सार्थक का शव टीएमएच के शीतगृह में रखा गया। शुक्रवार सुबह बिष्टुपुर पार्वती घाट पर अंतिम संस्कार की जानकारी दी गई। वंशिका के घर भी सुबह करीब आठ बजे हादसे की खबर पहुंची। आदित्यपुर स्थित देवाशीष कुंज में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे उसका शव घर लाया गया। परिवार के मित्र और समाज के लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे।
पढ़ाई के साथ खेल में भी बना रहे थे पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले चारों युवा पढ़ाई के साथ खेल के क्षेत्र में भी सक्रिय थे। नमन गुप्ता, अंशिका सिंह और युविका सिंह कारमेल जूनियर कॉलेज के छात्र थे। तीनों बास्केटबॉल खेलते थे। नमन गुप्ता सीआईएससीई नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में बिहार-झारखंड रीजन की टीम का प्रतिनिधित्व कर चुका था। इसी वर्ष साहिबगंज में आयोजित जूनियर स्टेट चैंपियनशिप में उसने पूर्वी सिंहभूम जिला टीम की ओर से भी हिस्सा लिया था। युविका सिंह ने सीआईएससीई जोनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था और नियमित रूप से बास्केटबॉल का अभ्यास करती थी।
अंशिका सिंह ने पिछले वर्ष सीआईएससीई नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में बिहार-झारखंड क्षेत्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी के कारण उसने सीआईएससीई टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था, हालांकि वह नियमित अभ्यास करती थी। वहीं, सार्थक अग्रवाल फुटबॉल का अच्छा खिलाड़ी था। उसने इसी वर्ष कारमेल जूनियर कॉलेज की मेजबानी में बाल विहार ग्राउंड में आयोजित सीआईएससीई जोनल फुटबॉल टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। तीन मैचों में उसकी टीम ने जीत दर्ज की थी। बताया गया कि बुधवार तक चारों ने बास्केटबॉल ग्राउंड में अभ्यास किया था। गुरुवार सुबह पांच बजे भी उन्हें अभ्यास के लिए पहुंचना था, लेकिन इससे पहले ही देर रात हुए हादसे ने चारों की जिंदगी छीन ली।

हादसे के बाद सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों पर सवाल
हादसे के बाद सोनारी मरीन ड्राइव पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घटना ने स्थानीय लोगों के साथ प्रशासन और सरकार का भी ध्यान इस ओर खींचा है। झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने हादसे पर दुख जताते हुए परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ को टैग कर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर स्थायी समाधान की मांग की।
उन्होंने मरीन ड्राइव समेत झारखंड के स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर नियमित निगरानी की मांग की। उनका सुझाव है कि निर्धारित पार्किंग जोन के बाहर वाहन खड़े मिलने पर वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई और जरूरत के अनुसार प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई जाए। उन्होंने संबंधित डीटीओ से हर महीने रिपोर्ट लेने और लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की।
परिवहन मंत्री ने सख्त व्यवस्था का दिया आश्वासन
कुणाल षाडंगी की पोस्ट पर परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि वह घटना से बेहद व्यथित हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड में सड़क सुरक्षा को लेकर जल्द सख्त व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों का धरातल पर कड़ाई से पालन कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। चार युवाओं की मौत के बाद मरीन ड्राइव समेत राज्य की सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। अब देखना होगा कि हादसे के बाद प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से इस दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
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