Durga Puja Police Security, रांची: दुर्गा पूजा 2026 को लेकर झारखंड पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों की निगरानी को लेकर पुलिस मुख्यालय में सोमवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक तदाशा मिश्रा ने की। बैठक में राज्यभर के आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी शामिल हुए। जिलों में पूजा के दौरान संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। डीजीपी ने सभी जिलों में 24 घंटे नियंत्रण कक्ष संचालित करने और किसी भी महत्वपूर्ण घटना की जानकारी तत्काल पुलिस मुख्यालय तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
सभी पूजा पंडालों का होगा सत्यापन
समीक्षा बैठक में हजारीबाग, दुमका और चाईबासा के डीआईजी के अलावा रांची, धनबाद और जमशेदपुर के एसएसपी समेत विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने अपने क्षेत्रों की तैयारियों की जानकारी दी। इसके बाद डीजीपी ने सभी लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी पूजा पंडालों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्वयं पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा गया है। जरूरत के अनुसार पंडालों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी। ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को वायरलेस सेट साथ रखने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल संपर्क किया जा सके।
ड्रोन और CCTV से होगी पूजा स्थलों की निगरानी
भीड़भाड़ वाले पूजा स्थलों और संवेदनशील पंडालों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने को कहा गया है। प्रमुख पंडालों में CCTV कैमरे लगाने, पर्याप्त रोशनी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पंडालों में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी मार्ग बनाने पर भी जोर दिया गया है। भीड़ अधिक होने वाले पंडालों में आपातकालीन निकास द्वार की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
ट्रैफिक, पार्किंग और इमरजेंसी सेवाओं पर फोकस
दुर्गा पूजा के दौरान पूजा स्थलों के आसपास बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। पुलिस को पूजा स्थलों तक जाने वाले मार्गों पर यातायात सुचारु रखने और सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष से निगरानी के साथ आवश्यक स्थानों पर पुलिस हेल्पडेस्क बनाए जाएंगे। इसके अलावा अग्निशमन सेवा, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है।
असामाजिक तत्वों और सोशल मीडिया पर रहेगी नजर
त्योहार के दौरान छेड़खानी, चोरी, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर रहेगी। भड़काऊ भाषण, आपत्तिजनक पोस्ट या अफवाह के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिलों को असामाजिक तत्वों की पहचान कर आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करने और अवैध चंदा वसूली करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।
विसर्जन जुलूस के लिए अलग सुरक्षा व्यवस्था
मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा को लेकर भी अलग योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। सभी जिलों को विसर्जन की तारीख और जुलूस के मार्गों का सत्यापन करने को कहा गया है। धार्मिक स्थलों और विवादित क्षेत्रों में अतिरिक्त बल की तैनाती के साथ विसर्जन घाटों और नदियों पर गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जुलूस की वीडियोग्राफी और ड्रोन सर्विलांस भी कराया जाएगा। विसर्जन जुलूस के दौरान साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर भी निगरानी रखने और उत्तेजक गानों के प्रयोग को नियंत्रित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही डीजे के संबंध में झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर
विजयादशमी समारोह के दौरान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। भगदड़ की स्थिति रोकने और भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है। डांडिया और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान रहेगा। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षकों को लंबित वारंट और कुर्की के निष्पादन में तेजी लाने, अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने तथा संवेदनशील हॉटस्पॉट की पहचान कर लगातार आसूचना जुटाने को कहा गया है। थाना और जिला स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। त्योहार के दौरान लगातार गश्ती और एंटी-क्राइम चेकिंग के जरिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर पुलिस मुख्यालय ने विशेष जोर दिया है।


















