Har Ghar Nal Ka Jal Bihar, पटना: बिहार में हर परिवार तक नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) की योजनाओं की समीक्षा की। 28 सितंबर 2026 को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने हर घर नल का जल योजना से 100 प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी परिवारों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के साथ जलापूर्ति योजनाओं को पूरी तरह कार्यशील रखने पर जोर दिया।
चार जोन में बांटकर चल रहा विभाग का काम
समीक्षा बैठक के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और उनकी प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। बैठक में बताया गया कि विभाग की योजनाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए राज्य को पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया और मुंगेर चार जोन में विभाजित किया गया है। सचिव ने जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, रखरखाव, मरम्मती और निरीक्षण से जुड़े कार्यों के साथ आगामी कार्ययोजनाओं की भी जानकारी दी। सरकार की ओर से पेयजल आपूर्ति को लगातार बनाए रखने के लिए अलग-अलग स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं। इनमें जलमीनार की सफाई, निरीक्षण एवं मरम्मती, जल गुणवत्ता की जांच, शिकायतों के निवारण और प्रखंड स्तर पर भंडार व्यवस्था को मजबूत करने के अभियान शामिल हैं।
3 लाख से ज्यादा शिकायतें मिलीं, 98.5% का निपटारा
बैठक में केंद्रीयकृत शिकायत निवारण कोषांग के कामकाज की भी समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार, 15 अगस्त 2025 से 28 सितंबर 2026 के बीच कुल 3,00,622 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 2,96,179 शिकायतों का निवारण किया जा चुका है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शिकायत निवारण की दर 98.5 प्रतिशत रही। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेयजल से जुड़ी शिकायतें मिलने पर उनका समय पर समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल शिकायतों का निपटारा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जलापूर्ति व्यवस्था लगातार सुचारु बनी रहनी चाहिए।

तय समय तक मिले शुद्ध पेयजल, गुणवत्ता की हो लगातार जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल आपूर्ति योजना पूरी तरह फंक्शनल रहनी चाहिए। जिन क्षेत्रों में पानी उपलब्ध कराने का समय निर्धारित है, वहां लोगों को निर्धारित अवधि तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जल की गुणवत्ता को लेकर भी नियमित जांच कराने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, लोगों तक पहुंचने वाला पानी गुणवत्तापूर्ण हो, इसकी लगातार निगरानी जरूरी है। इसके साथ ही जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव और अनुरक्षण कार्य को बेहतर तरीके से करने का निर्देश दिया गया, ताकि योजनाएं लंबे समय तक सुचारु रूप से चलती रहें।

जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव पर भी जोर
बैठक में सतत पेयजल आपूर्ति के लिए चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। जलमीनारों की सफाई, तकनीकी निरीक्षण और मरम्मती के साथ-साथ जल गुणवत्ता जांच और शिकायत निवारण को नियमित प्रक्रिया के रूप में जारी रखने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि हर घर नल का जल योजना का लाभ सभी परिवारों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही के कारण लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी और विशेष सचिव संजीव कुमार मौजूद रहे।



















