JSSC CGL 2023 पेपर लीक मामले में CID ने अदालत में कहा कि परीक्षा से पहले प्रश्न लीक हुए थे और संगठित सिंडिकेट ने अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाये थे।
JSSC CGL 2023 Paper Leak रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की JSSC CGL 2023 परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग यानी CID ने अदालत में अहम जानकारी दी है। अक्षय कुमार तिवारी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए जांच एजेंसी ने केस डायरी और मेमो ऑफ एविडेंस के माध्यम से दावा किया कि परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक हुए थे और राज्य में एक संगठित सिंडिकेट परीक्षा में सेटिंग का नेटवर्क चला रहा था।
CID के विशेष लोक अभियोजक ने अदालत में दलील दी कि अक्षय कुमार तिवारी केवल कथित मुख्य साजिशकर्ता अभय तिवारी का रिश्तेदार नहीं है, बल्कि जांच के अनुसार उसने भी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभायी। एजेंसी का दावा है कि अक्षय ने खुद अवैध तरीके से चयन हासिल करने और दूसरे अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने में भूमिका निभायी।
JSSC CGL 2023 Paper Leak: परीक्षा से एक दिन पहले मधुपुर से बोकारो पहुंचा था अक्षय
CID के साक्ष्य ज्ञापन के अनुसार, अक्षय कुमार तिवारी का परीक्षा केंद्र 22 सितंबर 2024 को गिरिडीह में था। जांच एजेंसी के मुताबिक, परीक्षा से एक दिन पहले 21 सितंबर को वह अपने पैतृक गांव से मधुपुर पहुंचा और वहां से बोकारो गया।
CID का दावा है कि बोकारो में अक्षय उस ठिकाने पर पहुंचा, जहां कथित सिंडिकेट ने अभ्यर्थियों को जुटाया था। जांच के अनुसार, इसी ठिकाने पर अभ्यर्थियों को परीक्षा से जुड़े प्रश्न और उनके उत्तर याद कराये गये। इसके बाद 21 और 22 सितंबर की दरम्यानी रात अक्षय समेत अन्य अभ्यर्थियों को गिरिडीह परीक्षा केंद्र के लिए रवाना किया गया।
जांच एजेंसी ने अदालत में कहा कि मोबाइल टावर लोकेशन, आरोपियों की आवाजाही और सह अभियुक्तों के स्वीकारोक्ति बयान से इस गतिविधि की पुष्टि होती है। हालांकि, इन आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना बाकी है।
JSSC CGL 2023 Paper Leak: प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्नपत्र बाहर निकलने की जांच जारी
CID अब इस बात की जांच कर रही है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र सुरक्षित प्रिंटिंग प्रेस से बाहर कैसे निकला और कथित सिंडिकेट तक कैसे पहुंचा। जांच एजेंसी ने 27 अगस्त को दिल्ली के बुराड़ी से प्रिंटिंग एजेंसी से जुड़े दो कर्मचारियों सोमेश प्रकाश और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया था।
दोनों को दोबारा पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रश्नपत्र का डेटा डिजिटल माध्यम से बाहर गया, उसकी हार्ड कॉपी निकाली गयी या प्रिंटिंग प्रक्रिया के दौरान ही प्रश्नों की जानकारी कथित सिंडिकेट तक पहुंची।
CID इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए प्रिंटिंग प्रेस से लेकर कथित सिंडिकेट तक प्रश्नपत्र पहुंचने की पूरी कड़ी का पता लगाने में जुटी है।
Key Highlights
- JSSC CGL 2023 मामले में CID ने अदालत में पेपर लीक होने का दावा किया।
- जांच एजेंसी ने संगठित सिंडिकेट के जरिये परीक्षा में कथित सेटिंग की बात कही।
- अक्षय कुमार तिवारी की जमानत याचिका का CID ने विरोध किया।
- जांच के अनुसार, बोकारो में अभ्यर्थियों को कथित तौर पर सवाल और जवाब रटवाये गये।
- दिल्ली के बुराड़ी से प्रिंटिंग एजेंसी के दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ रही है।
JSSC CGL 2023 Paper Leak: अभ्यर्थियों को पर्चा नहीं, उत्तर रटवाने का दावा
CID की जांच के अनुसार, कथित सिंडिकेट ने अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र की कॉपी या पीडीएफ उपलब्ध नहीं करायी थी। एजेंसी का दावा है कि प्रिंटिंग प्रेस से कथित तौर पर लीक हुए मूल प्रश्नों के उत्तर सादे कागज पर लिखकर तैयार किये गये और बोकारो के ठिकानों पर अभ्यर्थियों को सवाल और जवाब रटवाये गये।
जांच एजेंसी के अनुसार, इसके पीछे कथित तौर पर यह उद्देश्य था कि अभ्यर्थियों के पास कोई भौतिक पर्चा या मोबाइल में डिजिटल सबूत नहीं रहे। अभ्यर्थी याद कराये गये सवाल और जवाब के आधार पर परीक्षा केंद्र पहुंचे और ओएमआर शीट में उत्तर भरकर बाहर निकले।
JSSC CGL 2023 Paper Leak: आगे क्या, रिमांड के बाद बढ़ सकती है जांच
CID के सूत्रों के अनुसार, प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद मामले में अन्य बिचौलियों और कथित रूप से प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच आगे बढ़ सकती है। जांच एजेंसी तकनीकी साक्ष्यों, वित्तीय लेनदेन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का मिलान पूछताछ से मिले सुरागों के साथ कर रही है।
जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र के कथित तौर पर प्रिंटिंग प्रेस से निकलने से लेकर बोकारो के ठिकाने तक पहुंचने की कड़ी को खंगाला जा रहा है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।


















