RIMS Ranchi TAVI, रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) ने हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रिम्स में पहली बार ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई है। यह झारखंड के किसी सरकारी अस्पताल में की गई पहली सफल TAVI प्रक्रिया बताई गई है। इस उपलब्धि से गंभीर एओर्टिक वाल्व रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए राज्य में ही आधुनिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक नया विकल्प जुड़ा है। यह प्रक्रिया रिम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. मृणाल कुंज की टीम ने पूरी की। इसमें कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी, एनेस्थीसिया, कैथ लैब और नर्सिंग टीम के बीच बेहतर समन्वय की भूमिका रही।
क्या है TAVI और कैसे होता है इलाज?
TAVI हृदय के गंभीर एओर्टिक वाल्व रोग के उपचार की एक आधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है। इसमें पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी के बजाय कैथेटर के जरिए कृत्रिम एओर्टिक वाल्व को खराब वाल्व की जगह प्रत्यारोपित किया जाता है। गंभीर एओर्टिक वाल्व रोग से पीड़ित मरीजों के लिए यह पारंपरिक सर्जिकल वाल्व रिप्लेसमेंट का एक महत्वपूर्ण उपचार विकल्प हो सकता है। प्रक्रिया की शुरुआत रिम्स में होने से राज्य में ऐसे मरीजों के लिए आधुनिक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सेवा का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। अब तक जटिल एओर्टिक वाल्व रोग के इलाज के लिए झारखंड के मरीजों को कई बार दूसरे राज्यों में उपचार के लिए जाना पड़ता था। रिम्स में यह सुविधा शुरू होने से उन्हें राज्य में ही इस तरह की उन्नत चिकित्सा सेवा मिलने का रास्ता खुला है।
डॉ. मृणाल कुंज की टीम ने हासिल की उपलब्धि
रिम्स में पहली TAVI प्रक्रिया डॉ. मृणाल कुंज के नेतृत्व वाली टीम ने सफलतापूर्वक पूरी की। इस दौरान अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों और सहयोगी कर्मचारियों ने मिलकर प्रक्रिया को अंजाम दिया। डॉ. मृणाल कुंज ने इसे विभाग और संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह पूरी टीम के समन्वित प्रयास का परिणाम है। उनका उद्देश्य झारखंड के मरीजों को आधुनिक और उन्नत हृदय चिकित्सा की अधिक से अधिक सुविधाएं राज्य में ही उपलब्ध कराना है। उन्होंने प्रक्रिया के दौरान मार्गदर्शन और सहयोग के लिए कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. हेमंत नारायण राय सहित विभाग के अन्य फैकल्टी सदस्यों और पूरी सहयोगी टीम के प्रति आभार जताया।
रिम्स में उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं का विस्तार
TAVI की सफल शुरुआत को रिम्स में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे गंभीर हृदय वाल्व रोग से संबंधित मामलों के इलाज के लिए संस्थान की विशेषज्ञ सेवाओं में एक नई सुविधा जुड़ी है। रिम्स में कार्डियोलॉजी के साथ कार्डियक सर्जरी, एनेस्थीसिया, कैथ लैब और नर्सिंग टीम के समन्वय से इस जटिल प्रक्रिया को पूरा किया गया। संस्थान की ओर से इसे राज्य के मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ता कदम बताया गया है।
अब हर सोमवार चलेगी गैस्ट्रोएंटरोलॉजी OPD
रिम्स में हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में इस उपलब्धि के साथ मरीजों के लिए एक और सुविधा शुरू की गई है। अब रिम्स में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी OPD प्रत्येक सोमवार को संचालित होगी। इस OPD का उद्देश्य पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और उपचार संबंधी सुविधा उपलब्ध कराना है। मेडिसिन विभाग के डॉ. मनोहर लाल प्रसाद इस OPD में मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श और सेवाएं देंगे। OPD में पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर मरीजों की जांच, चिकित्सकीय सलाह और आगे के उपचार के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। रिम्स प्रबंधन ने मरीजों और आम लोगों से निर्धारित दिन OPD की सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है। रिम्स में एक ओर जहां TAVI जैसी उन्नत हृदय चिकित्सा प्रक्रिया की शुरुआत हुई है, वहीं गैस्ट्रोएंटरोलॉजी OPD के नियमित संचालन से पाचन संबंधी रोगों के मरीजों के लिए विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा भी बढ़ेगी।


















