JPSC L Khyangte Bail, रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया है। निचली अदालत से जमानत नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में नियमित जमानत याचिका दाखिल की है। खियांग्ते ने अपनी याचिका में खुद को मामले में निर्दोष बताया है और अदालत से जमानत देने का अनुरोध किया है। उनकी जमानत याचिका पर आगे सुनवाई होनी है।
CID जांच के बीच पूर्व अध्यक्ष की जमानत अर्जी
JPSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और OMR शीट से जुड़े मामलों की जांच राज्य CID कर रही है। इसी जांच के दौरान पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से भी पूछताछ की गई थी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अगस्त 2026 में गिरफ्तारी के बाद उन्होंने CID की विशेष अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था। हालांकि, विशेष अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार नहीं की। इसके बाद अब उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया है।
जांच में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की पड़ताल
CID की जांच में JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा समेत भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई पहलुओं को देखा जा रहा है। जांच एजेंसी ने परीक्षा से संबंधित दस्तावेज, OMR शीट और डिजिटल सामग्री भी अपने कब्जे में ली थी। जांच के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़े फैसलों और निजी एजेंसी को काम दिए जाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवालों की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
खियांग्ते ने आरोपों से इनकार किया है
एल. खियांग्ते की ओर से पहले भी कथित अनियमितताओं में अपनी भूमिका से इनकार किया गया है। उनका कहना रहा है कि उनके कार्यकाल में लिए गए फैसले नियमों के अनुसार थे और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, जांच एजेंसी मामले में अलग-अलग आरोपों और साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। सितंबर में विशेष CID अदालत ने खियांग्ते की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
हाईकोर्ट की सुनवाई पर रहेगी नजर
अब नियमित जमानत के लिए दाखिल याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। अदालत के समक्ष बचाव पक्ष और जांच एजेंसी की ओर से अपनी-अपनी दलीलें रखी जाएंगी। JPSC परीक्षा अनियमितता मामले की जांच फिलहाल जारी है। इसलिए हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर होने वाली कार्यवाही मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगी।

















