Prahlad Joshi Education, पटना: केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने विद्यार्थियों से केवल रटकर परीक्षा पास करने के बजाय विषयों को समझने और नए विचारों के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि ज्ञान, रचनात्मक सोच और नवाचार के माध्यम से विद्यार्थी अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ देश के विकास में भी योगदान दे सकते हैं। शनिवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा के प्रति सोच बदलने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने और नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नवाचार और क्षेत्रीय भाषाओं पर जोर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नवाचार और क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई को विशेष महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी स्थानीय भाषा में विषयों को आसानी से समझने और सीखने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अंक हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों को विषयों की गहरी समझ विकसित करने, सवाल पूछने और नए विचारों के साथ समस्याओं का समाधान खोजने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान
प्रल्हाद जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बजट में एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने स्टार्टअप कंपनी का उदाहरण देते हुए बताया कि ज्ञान और नए विचारों के जरिए नई संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ रचनात्मक क्षमता विकसित करने और नए प्रयोग करने की अपील की। उनके अनुसार, नवाचार और कौशल का विकास युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
‘सेवा ही संकल्प’ अभियान की प्रतियोगिताओं की सराहना
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ‘सेवा ही संकल्प’ मुहिम के तहत बिहार में आयोजित सेवा चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता की सराहना की। उन्होंने इन आयोजनों को विद्यार्थियों की प्रतिभा सामने लाने और उन्हें अपने विचार व्यक्त करने का अवसर देने वाला बताया। उन्होंने प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
2047 के भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की होगी अहम भूमिका
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रल्हाद जोशी ने कहा कि वर्ष 2047 में भारत कैसा होगा, इसे तय करने में आज के विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उस समय वे युवा होंगे और देश की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर होंगी। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और नए विचारों के साथ देश के विकास में योगदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए। कार्यक्रम में केंद्र सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अपर सचिव अर्चना शर्मा अवस्थी, संयुक्त सचिव अमरप्रीत दुग्गल, पीएमश्री के निदेशक यूपी सिंह सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।


















