Ranchi Airport International Flights: झारखंड के हवाई यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी की उम्मीद बढ़ी है। राजधानी स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए कस्टम और इमिग्रेशन जैसी आवश्यक सेवाएं सक्रिय करने की व्यवस्था उपलब्ध होने की बात एयरपोर्ट प्रबंधन ने कही है। हालांकि, नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत के लिए एयरलाइंस की पहल और संबंधित नियामकीय मंजूरियां जरूरी होंगी। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, किसी एयरलाइन की ओर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने का प्रस्ताव मिलने पर आवश्यक व्यवस्थाओं को फिर से सक्रिय किया जा सकता है। इससे भविष्य में झारखंड के यात्रियों को विदेश जाने के लिए दिल्ली, कोलकाता या दूसरे बड़े एयरपोर्ट तक जाने की जरूरत कम हो सकती है।
रांची एयरपोर्ट पर रोजाना छह हजार यात्री कर रहे सफर
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर प्रतिदिन औसतन 44 से 50 विमानों का आगमन और प्रस्थान हो रहा है। यहां से रोजाना करीब पांच से छह हजार यात्री हवाई यात्रा करते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, आठ अक्टूबर को एयरपोर्ट पर 46 विमानों का परिचालन हुआ और 5,992 यात्रियों ने सफर किया। जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान 3.68 लाख से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा की। बढ़ती यात्री संख्या के बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा शुरू होने से झारखंड की हवाई कनेक्टिविटी को विस्तार मिलने की संभावना है।
बड़े विमानों के संचालन के लिए रनवे विस्तार की योजना
रांची एयरपोर्ट का मौजूदा रनवे 2,748 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जमीन मिलने के बाद रनवे को बढ़ाकर 3,655 मीटर करने की योजना है। लंबा रनवे बड़े विमानों के संचालन में सहायक हो सकता है। हालांकि, किसी विमान के परिचालन की अनुमति उसके आकार, वजन, मौसम, तकनीकी सुविधाओं और संबंधित नियामकीय मानकों पर निर्भर करती है। रनवे विस्तार की योजना और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत दो अलग-अलग विषय हैं।
डूरंड कप के दौरान सक्रिय की गई थीं जरूरी व्यवस्थाएं
जुलाई-अगस्त 2026 में रांची में आयोजित डूरंड कप फुटबॉल प्रतियोगिता में श्रीलंका की सेना की टीम डिफेंडर्स एफसी ने हिस्सा लिया था। विदेशी खिलाड़ियों के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट पर कस्टम, इमिग्रेशन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक, उस दौरान इन व्यवस्थाओं को सक्रिय कर उनकी तैयारी परखने का अवसर मिला। हालांकि, किसी विदेशी टीम के आगमन के लिए की गई व्यवस्था और नियमित अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों का संचालन अलग प्रक्रियाएं हैं। नियमित सेवाओं के लिए एयरलाइन की योजना और जरूरी मंजूरियां महत्वपूर्ण होंगी।
यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर भी जोर
रांची एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा के लिए उड़ान यात्री कैफे, फ्लाइब्रेरी, किड्स जोन, अवसार काउंटर और आधुनिक प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा अतिरिक्त शौचालय, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा जांच ट्रे, प्रस्थान क्षेत्र की फर्श और एप्रन मार्किंग में सुधार की योजना बताई गई है। विमानों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने के लिए समानांतर टैक्सी ट्रैक और रैपिड एग्जिट टैक्सीवे के निर्माण का प्रस्ताव भी है। इन सुविधाओं के विकास से एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार के अनुसार, डूरंड कप के दौरान विदेशी खिलाड़ियों के आगमन पर जरूरी सुविधाएं सक्रिय कर उनका परीक्षण किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि कोई एयरलाइन अंतरराष्ट्रीय सेवा शुरू करती है, तो आवश्यक व्यवस्थाएं बहाल की जा सकती हैं। फिलहाल रांची से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने की तारीख या किसी एयरलाइन की अंतिम घोषणा सामने नहीं आई है। ऐसे में यात्रियों को सेवा शुरू होने के आधिकारिक ऐलान और संबंधित मंजूरियों का इंतजार करना होगा।


















