Anuplal Mandal Jayanti, कटिहार: साहित्यकार अनूपलाल मंडल की 129वीं जयंती के अवसर पर रविवार को कटिहार जिले के समेली प्रखंड मुख्यालय में समारोह आयोजित किया गया। अखिल भारतीय कैवर्त कल्याण समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अनूपलाल मंडल की रचनाओं में ग्रामीण जीवन, सामाजिक बदलाव और वंचित वर्गों की पीड़ा का गहरा चित्रण मिलता है।
सामाजिक चेतना के संवाहक थे अनूपलाल मंडल
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अनूपलाल मंडल केवल साहित्यकार नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के संवाहक भी थे। उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से वंचित, शोषित और उपेक्षित वर्गों की आवाज को साहित्य में स्थान दिया। मंत्री ने कहा कि उनकी रचनाओं में समाज की वास्तविक परिस्थितियों और पिछड़े वर्गों की समस्याओं का चित्रण मिलता है। विपरीत परिस्थितियों में भी साहित्य और समाज सेवा के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ऐसे महापुरुषों के विचारों और साहित्यिक कृतियों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अनूपलाल मंडल की प्रमुख रचनाओं को किया गया याद
जयंती समारोह में अनूपलाल मंडल की विभिन्न साहित्यिक कृतियों का स्मरण किया गया। उनकी प्रमुख रचनाओं में अभियान का पथ, उत्तर पुरुष, ज्योतिर्मय, दर्द की तस्वीरें, नया सूरज नया चान, बुझने न पाये, रक्त और रंग, समाज की बेटी पर, दस बीघा जमीन, तूफान और तिनके, सविता, वे आसमां, केंद्र और परिधि, मंजिल और कितनी दूर, मिमांसा पर, साकी, रूप रेखा, बे अभागे और ज्वाला शामिल हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि उनकी रचना मिमांसा पर पर आधारित फिल्म बहुरानी भी बनी थी। इसके अलावा उनकी कई बाल कथाएं और कहानियां प्रकाशित हुईं, जबकि कुछ पांडुलिपियां अप्रकाशित रह गईं।

समारोह में कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल
अनूपलाल मंडल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कटिहार विधायक तारकिशोर प्रसाद भी शामिल हुए। इसके अलावा कदवा विधायक दुलालचंद गोस्वामी, रुपौली विधायक कलाधर मंडल, पिपरा विधायक रामविलास कामत, प्राणपुर विधायक निशा सिंह और बरारी विधायक विजय सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय कार्यकर्ता मौजूद रहे। समारोह के माध्यम से साहित्यकार अनूपलाल मंडल के साहित्यिक योगदान और समाज सुधार से जुड़े विचारों को याद किया गया। वक्ताओं ने उनकी रचनाओं को सामाजिक सरोकारों और ग्रामीण जीवन को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
यह भी पढ़ें: Nepal Landslide Flood Alert: नेपाल में भूस्खलन से फ्लैश फ्लड, वाल्मीकिनगर बैराज पर बढ़ सकता है पानी


















