JPSC भर्ती धांधली मामले में CID जांच के दौरान चचेरे भाई को पास कराने के लिए 20 लाख की कथित डील और पूर्व चेयरमैन के PA की कार के डाउन पेमेंट से जुड़े वित्तीय लेनदेन सामने आए।
JPSC Scam रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के मामले में सीआईडी की जांच में रिश्तेदारी और वित्तीय लेनदेन से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। पतंजलि IAS एकेडमी के संचालक संजीत कुमार पर अपने चचेरे भाई को परीक्षा में पास कराने के लिए 20 लाख रुपये की कथित डील करने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में बैंक लेनदेन और अभ्यर्थियों के बयानों को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देखा गया है।
इसके अलावा, सीआईडी ने अदालत में एक ऑटोमोबाइल एजेंसी के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि JPSC के तत्कालीन चेयरमैन के निजी सहायक धर्मेंद्र कुमार के लिए खरीदी गई कार का डाउन पेमेंट संजीत कुमार के यूपीआई से किया गया था। धर्मेंद्र कुमार की पत्नी के खाते में भी संजीत के बैंक खाते से रकम भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, बचाव पक्ष ने इन लेनदेन को व्यक्तिगत कर्ज से संबंधित बताया है।
JPSC Scam: चचेरे भाई को पास कराने के लिए 20 लाख रुपये की कथित डील
सीआईडी की जांच के मुताबिक, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) परीक्षा में चयनित ऋतिक रोशन, जिनका रोल नंबर 24408320 है, और पंकज प्रसून, जिनका रोल नंबर 24414400 है, संजीत कुमार के चचेरे भाई हैं।
जांच एजेंसी का आरोप है कि ऋतिक रोशन को परीक्षा में पास कराने के लिए 20 लाख रुपये में सौदा हुआ था। यह रकम अलग-अलग किस्तों में दिए जाने की बात सामने आई है। सीआईडी के अनुसार, दोनों अभ्यर्थियों के इकबालिया बयान और बैंक लेनदेन से इस कथित सौदे में संजीत कुमार की भूमिका के संकेत मिले हैं।
यह मामला भर्ती प्रक्रिया में रिश्तेदारी के आधार पर कथित लाभ पहुंचाने के आरोपों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
Key Highlights
- CID के अनुसार, FRO परीक्षा में चयनित ऋतिक रोशन और पंकज प्रसून संजीत कुमार के चचेरे भाई हैं।
- ऋतिक रोशन को पास कराने के लिए 20 लाख रुपये की कथित डील का आरोप।
- जांच एजेंसी ने रकम अलग-अलग किस्तों में दिए जाने की बात कही।
- JPSC के तत्कालीन चेयरमैन के PA के लिए खरीदी गई कार के डाउन पेमेंट में संजीत के यूपीआई इस्तेमाल होने का दावा।
- संजीत के एक्सिस बैंक खाते से धर्मेंद्र कुमार की पत्नी के खाते में कुल 1.69 लाख रुपये भेजे गए; बचाव पक्ष ने इसे व्यक्तिगत कर्ज बताया।
JPSC Scam: JPSC के तत्कालीन चेयरमैन के PA की कार के डाउन पेमेंट में संजीत का नाम
सीआईडी ने अदालत में रांची की एक ऑटोमोबाइल एजेंसी के रिकॉर्ड पेश किए। जांच एजेंसी के मुताबिक, JPSC के तत्कालीन चेयरमैन के निजी सहायक धर्मेंद्र कुमार के लिए खरीदी गई कार का डाउन पेमेंट संजीत कुमार के यूपीआई के माध्यम से किया गया था।
इसके अलावा, संजीत कुमार के एक्सिस बैंक खाते से छह अप्रैल को 99 हजार रुपये और 10 अप्रैल को 70 हजार रुपये धर्मेंद्र कुमार की पत्नी के बैंक खाते में भेजे गए थे। इस तरह दोनों लेनदेन की कुल राशि 1.69 लाख रुपये बताई गई है।
सीआईडी ने इन वित्तीय लेनदेन को कथित नेटवर्क की जांच के दौरान महत्वपूर्ण बताया है। वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि संबंधित रकम व्यक्तिगत कर्ज के तौर पर दी गई थी। ऐसे में इन लेनदेन का वास्तविक उद्देश्य और कथित भर्ती धांधली से उनका संबंध न्यायिक जांच का विषय है।
JPSC Scam: वित्तीय लेनदेन की जांच से बढ़ा मामले का दायरा
JPSC भर्ती परीक्षा में कथित धांधली की जांच अब केवल अभ्यर्थियों के संपर्क और परीक्षा में चयन तक सीमित नहीं है। सीआईडी रिश्तेदारी, बैंक लेनदेन और कार खरीद से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर कथित वित्तीय संबंधों की भी पड़ताल कर रही है।
जांच एजेंसी का दावा है कि उपलब्ध दस्तावेज और बयान संजीत कुमार की भूमिका की जांच के लिए महत्वपूर्ण हैं। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने कुछ लेनदेन को व्यक्तिगत कर्ज बताया है। इन तथ्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि या खंडन का अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।


















