Jamui Girl Death News: दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच बिहार के जमुई जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। सिकंदरा थाना क्षेत्र के महादेव सिमरिया बेलदरिया गांव में रविवार को करंट की चपेट में आने से नौ वर्षीय बच्ची निभा कुमारी की मौत हो गई। वह गांव के निवासी बबलू मांझी की बेटी थी। बेटी की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। घटना के बाद बच्ची के पिता ने सदर अस्पताल में एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार, बेटी का शव घर ले जाने के लिए उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। पिता अपनी मृत बेटी को कंधे पर उठाकर अस्पताल से बाहर निकला और सड़क पर वाहन की तलाश में मदद मांगता रहा। घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टीन के दरवाजे में करंट आने की आशंका, बच्ची की मौत
परिजनों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब तीन बजे नौ वर्षीय निभा अपने घर के दरवाजे के पास बैठी थी। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गई और जमीन पर गिर पड़ी। परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची के पिता बबलू मांझी ने बताया कि उनके घर का दरवाजा टीन का बना हुआ है। उन्हें आशंका है कि दरवाजे में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी चपेट में आने से उनकी बेटी की जान चली गई। हालांकि, करंट लगने के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बेटी का शव घर ले जाने के लिए परेशान हुआ पिता
निभा की मौत के बाद पिता उसे घर ले जाकर अंतिम विदाई देना चाहता था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी। बेटी को खोने के गम में डूबा पिता उसके शव को कंधे पर उठाकर अस्पताल से बाहर निकला और सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों से मदद मांगने लगा। परिजनों के मुताबिक, कोई भी वाहन चालक शव को घर पहुंचाने के लिए तैयार नहीं हुआ। एक ओर बेटी की मौत का असहनीय दुख था, तो दूसरी ओर शव को घर ले जाने की मजबूरी ने पिता की परेशानी और बढ़ा दी।
स्थानीय लोगों की पहल के बाद हुई एंबुलेंस की व्यवस्था
घटना के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों ने पिता की स्थिति देखकर उसे दोबारा सदर अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद बच्ची के शव को घर पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। हालांकि, अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध होने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद परिजनों को तत्काल सेवा क्यों नहीं मिल सकी, इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप परिजनों की ओर से लगाया गया है।
दुर्गा पूजा की खुशियां मातम में बदलीं
निभा की असमय मौत से महादेव सिमरिया बेलदरिया गांव में शोक का माहौल है। जिस घर में त्योहार के दौरान खुशियां होनी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। बेटी को खोने से परिवार गहरे सदमे में है। यह घटना बिजली सुरक्षा के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सहायता और शव वाहन जैसी सुविधाओं की उपलब्धता के महत्व को भी सामने लाती है। फिलहाल, करंट लगने के कारण और एंबुलेंस सेवा में कथित देरी को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।


















