Purnia Kidnapping Allegation: बिहार की पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रदेश उपाध्यक्ष बीमा भारती के पुत्र राजा मंडल पर एक लकड़ी व्यवसायी के नाबालिग बेटे को कथित तौर पर अगवा करने की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। इस मामले में भवानीपुर नगर पंचायत के दुर्गापुर चौक निवासी लकड़ी व्यवसायी मो. बबलू ने भवानीपुर थाने में लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में राजा मंडल समेत तीन-चार अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है। पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दुकान खाली कराने को लेकर विवाद का आरोप
मो. बबलू ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि 19 अक्टूबर की रात राजा मंडल तीन-चार सहयोगियों के साथ दुर्गापुर चौक स्थित उनकी लकड़ी की दुकान पर पहुंचा था। आरोप के मुताबिक, वहां शराब पीने के लिए दुकान खाली करने को कहा गया। इस बात का बबलू और उनके परिजनों ने विरोध किया। आवेदन के अनुसार, विरोध के बाद राजा मंडल अपने सहयोगियों के साथ फॉर्च्यूनर गाड़ी से वहां से चला गया। व्यवसायी का आरोप है कि कुछ समय बाद वह दोबारा अपने सहयोगियों के साथ दुकान पर पहुंचा।
नाबालिग बेटे को गाड़ी में बैठाने की कोशिश का आरोप
व्यवसायी के मुताबिक, उसी रात करीब नौ बजे राजा मंडल अपने सहयोगियों के साथ उनकी फर्नीचर दुकान पर पहुंचा। आरोप है कि इस दौरान उनके नाबालिग पुत्र महताब आलम को जबरन गाड़ी में खींचकर बैठाने और अपने साथ ले जाने की कोशिश की गई। बबलू के आवेदन के अनुसार, महताब के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटने लगे। इसके बाद डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। व्यवसायी का आरोप है कि पुलिस के पहुंचने और लोगों की भीड़ जुटने के बाद राजा मंडल अपने सहयोगियों के साथ वहां से चला गया।
फोन पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप
मो. बबलू ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि घटना के कुछ समय बाद राजा मंडल ने मोबाइल फोन पर कॉल कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। व्यवसायी का दावा है कि उस समय कई लोग मौके पर मौजूद थे और उन्होंने भी कथित धमकी सुनी थी। हालांकि, इन आरोपों पर राजा मंडल का पक्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुलिस जांच के बाद ही मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
भवानीपुर पुलिस कर रही मामले की जांच
भवानीपुर थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि मामले में लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस इसकी जांच कर रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह मामला आवेदन में लगाए गए आरोपों और पुलिस जांच के स्तर पर है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।


















